RRT News- छत्तीसगढ़ में आगामी जनगणना कार्य को सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए राज्य सरकार ने सख्त कदम उठाए हैं। गृह विभाग द्वारा जारी आदेशों के अनुसार, जनगणना कार्य में संलग्न अधिकारियों और कर्मचारियों को अब अपनी छुट्टियों के लिए विशेष सावधानी बरतनी होगी। प्रशासनिक व्यवस्था को दुरुस्त रखने और जनगणना जैसे महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य में किसी भी प्रकार की बाधा न आए, इसे ध्यान में रखते हुए अब कर्मचारियों को बिना सक्षम प्राधिकारी (कलेक्टर) की पूर्व अनुमति के अवकाश नहीं दिया जाएगा।
यह आदेश 1 मई 2026 से 30 जून 2026 तक की अवधि के लिए प्रभावी रहेगा। इस दौरान जनगणना का पहला चरण 'हाउस लिस्टिंग और हाउसिंग सेंसस' संचालित किया जाएगा, जिसमें कर्मचारियों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। निर्देशों के मुताबिक, इस समयावधि के दौरान कोई भी कर्मचारी कलेक्टर की अनुमति के बिना न तो अपना मुख्यालय छोड़ सकेगा और न ही बिना कारण अवकाश ले सकेगा। विशेष या अत्यंत आपातकालीन स्थितियों में ही जिला जनगणना शाखा के माध्यम से अवकाश के आवेदन स्वीकार किए जाएंगे।
प्रशासन का स्पष्ट संदेश है कि जनगणना एक राष्ट्रीय महत्व का कार्य है, जिसमें लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कर्मचारियों को सलाह दी गई है कि वे इस दौरान मुख्यालय पर अपनी उपलब्धता सुनिश्चित करें ताकि फील्ड वर्क में कोई समस्या न आए। राज्य सरकार ने इस प्रक्रिया को डिजिटल और पारदर्शी बनाने की दिशा में भी काम किया है, जहाँ 16 अप्रैल से 30 अप्रैल तक 'सेल्फ-एन्यूमरेशन' के तहत लोग ऑनलाइन पोर्टल पर भी जानकारी भर सकते हैं। इस दौरान सभी संबंधित अधिकारियों को पूरी निष्ठा और सतर्कता के साथ अपने कर्तव्यों का पालन करने के निर्देश दिए गए हैं।
छत्तीसगढ़ जनगणना ड्यूटी नियम और कर्मचारी निर्देश
यह वीडियो जनगणना और सरकारी कार्यों से जुड़ी विभागीय प्रक्रियाओं और कर्मचारियों के लिए जारी दिशा-निर्देशों को समझने में आपकी सहायता करेगा।





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