छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले से एक चिंताजनक खबर सामने आ रही है, जहाँ राशन वितरण प्रणाली पूरी तरह ठप हो चुकी है। जिले की करीब 327 राशन दुकानों पर पिछले तीन महीनों से खाद्य आपूर्ति बाधित है, जिससे गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों के सामने भोजन का संकट खड़ा हो गया है। भीषण गर्मी के इस दौर में, जहाँ लोगों को घर से बाहर निकलने में भी परेशानी हो रही है, वहीं राशन के लिए दर-दर भटकना उनकी मजबूरी बन गया है।
इस आपूर्ति व्यवस्था के ठप होने से सबसे अधिक मार उन दिहाड़ी मजदूरों और गरीब परिवारों पर पड़ रही है, जो पूरी तरह से सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) पर निर्भर हैं। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि प्रशासन की अनदेखी और लापरवाही के कारण उन्हें समय पर राशन नहीं मिल पा रहा है। महीनों से खाली हाथ लौटने के कारण आम जनता में भारी आक्रोश व्याप्त है, और लोग सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने को मजबूर हैं, लेकिन समाधान अभी तक नहीं निकल सका है।
जिले के राशन कार्ड धारक अब सिस्टम की विफलता के कारण दोहरी मार झेल रहे हैं—एक तरफ चिलचिलाती धूप और गर्मी, तो दूसरी तरफ पेट भरने के लिए राशन का अभाव। स्थानीय प्रशासन और खाद्य विभाग के अधिकारी इस मामले पर चुप्पी साधे हुए हैं, जिससे स्थिति और भी गंभीर होती जा रही है। अब देखना यह है कि प्रशासन कब तक इस आपूर्ति श्रृंखला को बहाल करता है और जनता को इस संकट से राहत दिलाता है।





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