छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री श्री अरुण शर्मा ने जनहित के प्रति अपनी संवेदनशीलता का परिचय देते हुए दिव्यांग नेमी सिंह को पेट्रोल चलित स्कूटी भेंट की है। राजधानी रायपुर में आयोजित एक गरिमामयी कार्यक्रम के दौरान उपमुख्यमंत्री ने खुद अपने हाथों से स्कूटी की चाबी सौंपी। नेमी सिंह लंबे समय से अपनी शारीरिक अक्षमता के कारण आवागमन में कठिनाइयों का सामना कर रहे थे, जिसे देखते हुए प्रशासन ने उन्हें यह सहायता उपलब्ध कराने का निर्णय लिया।
यह स्कूटी विशेष रूप से दिव्यांगों की सुविधा के लिए डिजाइन की गई है, जिसमें संतुलन बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पहिए (Side wheels) लगाए गए हैं। उपमुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य समाज के अंतिम व्यक्ति तक सशक्तिकरण के साधनों को पहुँचाना है। उन्होंने नेमी सिंह से संवाद करते हुए उनकी भविष्य की योजनाओं के बारे में पूछा और उन्हें जीवन में निरंतर आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया।
दिव्यांग नेमी सिंह के लिए यह स्कूटी मात्र एक वाहन नहीं, बल्कि उनकी स्वावलंबी बनने की राह में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। नेमी सिंह ने खुशी जाहिर करते हुए बताया कि पहले उन्हें कहीं भी आने-जाने के लिए दूसरों पर निर्भर रहना पड़ता था, लेकिन अब वे अपने दैनिक कार्यों और रोजगार के लिए खुद सफर कर सकेंगे। उन्होंने इस त्वरित सहायता के लिए उपमुख्यमंत्री और राज्य सरकार का आभार व्यक्त किया।
सरकार की इस पहल का मुख्य उद्देश्य दिव्यांगजनों के बीच आत्मविश्वास जगाना और उन्हें मुख्यधारा से जोड़ना है। अधिकारियों के अनुसार, समाज कल्याण विभाग के माध्यम से ऐसे पात्र हितग्राहियों की पहचान की जा रही है जिन्हें सहायक उपकरणों की आवश्यकता है। उपमुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि दिव्यांगों से जुड़े आवेदनों पर प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई की जाए ताकि उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ बिना किसी देरी के मिल सके।
इस अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधि और समाज कल्याण विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में श्री शर्मा ने दोहराया कि राज्य सरकार "सबका साथ, सबका विकास" के मंत्र पर चलते हुए शारीरिक रूप से अक्षम व्यक्तियों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए प्रतिबद्ध है। इस तरह के वितरण कार्यक्रमों से न केवल व्यक्ति को मदद मिलती है, बल्कि समाज में सहानुभूति और सहयोग की भावना भी सुदृढ़ होती है।








