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गुड फ्राइडे 2026: शोक और कृतज्ञता का दिन; आखिर क्यों ईसा मसीह के बलिदान के दिन को कहा जाता है 'शुभ'? जानिए पूरा इतिहास

RRT News - आज दुनिया भर में ईसाई समुदाय 'गुड फ्राइडे' मना रहा है। यह दिन ईसा मसीह के कष्टों, उनके क्रूस पर चढ़ाए जाने और उनकी मृत्यु की याद में मनाया जाता है। 2026 में यह पवित्र दिन 3 अप्रैल को पड़ रहा है। कई लोग हैरान होते हैं कि जिस दिन ईसा मसीह को इतनी पीड़ा दी गई, उसे 'गुड' (शुभ) क्यों कहा जाता है? आइए, इस दिन के इतिहास और गहरे आध्यात्मिक अर्थ को समझते हैं।

1. गुड फ्राइडे का इतिहास: क्या हुआ था उस दिन?
बाइबिल के अनुसार, लगभग 2000 साल पहले यरूशलेम में ईसा मसीह को राजद्रोह और ईशनिंदा के झूठे आरोपों में गिरफ्तार किया गया था।
अंतिम भोज (Last Supper): मृत्यु से एक रात पहले ईसा मसीह ने अपने शिष्यों के साथ भोजन किया और उन्हें प्रेम व सेवा का संदेश दिया।
सूली पर चढ़ाया जाना: शुक्रवार के दिन, ईसा मसीह को कांटों का ताज पहनाया गया और उन्हें अपना ही क्रूस (Cross) उठाकर कलवारी (Golgotha) नामक पहाड़ी तक ले जाने के लिए मजबूर किया गया। वहाँ उन्हें दो अपराधियों के साथ कीलों से क्रूस पर ठोक दिया गया।
बलिदान: दोपहर के समय, ईसा मसीह ने अपने प्राण त्याग दिए। उनके अंतिम शब्द थे— "हे पिता, इन्हें क्षमा कर, क्योंकि ये नहीं जानते कि ये क्या कर रहे हैं।"
2. इसे 'गुड' (Good) क्यों कहा जाता है?
मृत्यु और शोक के इस दिन को 'गुड' कहना विरोधाभासी लग सकता है, लेकिन इसके पीछे गहरे धार्मिक कारण हैं:
मानवता का उद्धार: ईसाई मान्यता है कि ईसा मसीह ने पूरी मानवता के पापों का बोझ अपने ऊपर ले लिया और खुद का बलिदान देकर मनुष्यों के लिए ईश्वर के द्वार खोल दिए। इसलिए इसे 'पवित्र' या 'शुभ' (God's Friday) माना जाता है।
प्रेम की जीत: यह दिन नफरत पर प्रेम और बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है।
3. गुड फ्राइडे कैसे मनाया जाता है?
गुड फ्राइडे कोई उत्सव नहीं, बल्कि एक गंभीर और प्रार्थनापूर्ण दिन है।
उपवास और प्रार्थना: लोग चर्च जाते हैं और ईसा मसीह के अंतिम सात वचनों पर चिंतन करते हैं। कई लोग इस दिन उपवास रखते हैं।
घंटी नहीं बजती: चर्चों में इस दिन संगीत नहीं बजता और घंटियाँ मौन रहती हैं। लकड़ी के खटखटाहट (Clappers) का उपयोग किया जाता है।
पवित्र क्रूस का चुंबन: श्रद्धालु क्रूस को चूमकर ईसा मसीह के प्रति अपनी कृतज्ञता प्रकट करते हैं।
4. गुड फ्राइडे से ईस्टर संडे तक का सफर
गुड फ्राइडे के बाद आने वाला रविवार 'ईस्टर संडे' के रूप में मनाया जाता है। मान्यता है कि मृत्यु के तीसरे दिन ईसा मसीह पुनर्जीवित (Resurrection) हो गए थे। ईस्टर का दिन खुशी और नई शुरुआत का प्रतीक है।
प्रेम और क्षमा का संदेश
गुड फ्राइडे हमें सिखाता है कि क्षमा करना सबसे बड़ी शक्ति है। ईसा मसीह का बलिदान हमें दूसरों की सेवा करने और बिना किसी स्वार्थ के प्रेम करने की प्रेरणा देता है। 2026 के इस भागदौड़ भरे युग में, यह दिन हमें रुककर अपनी आत्मा और मानवता के प्रति अपने कर्तव्यों पर विचार करने का अवसर देता है।







