रायपुर/बिलासपुर: छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज बिलासपुर जिले के रहंगी (बिल्हा) में आयोजित 'कृषक उन्नति योजना' के भव्य समारोह में प्रदेश के 25.28 लाख किसानों के खातों में 10 हजार 324 करोड़ रुपए से अधिक की राशि बटन दबाकर सीधे अंतरित (DBT) की। होली के त्योहार से ठीक पहले मिली इस बड़ी सहायता राशि से किसानों में भारी उत्साह है। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर बिलासपुर जिले के लिए 263.17 करोड़ रुपए के 89 विकास कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास भी किया, जिससे क्षेत्र के बुनियादी ढांचे और विकास को नई गति मिलेगी।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि उनकी सरकार "किसान हितैषी" सरकार है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गारंटियों को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने घोषणा की कि राज्य में धान की सर्वाधिक कीमत दी जा रही है और किसानों को खाद-बीज की कमी या बारदाने की समस्या नहीं होने दी गई है। इस दौरान उन्होंने सतनामी और आदिवासी समाज के सामुदायिक भवनों के लिए 50-50 लाख रुपए देने के साथ-साथ चकरभाटा स्वास्थ्य केंद्र के उन्नयन और स्कूलों के विकास की महत्वपूर्ण घोषणाएं भी कीं।
कार्यक्रम में कृषि मंत्री श्री राम विचार नेताम ने बताया कि सरकार का लक्ष्य किसानों को केवल धान तक सीमित न रखकर दलहन, तिलहन और मिश्रित खेती की ओर प्रोत्साहित करना है ताकि उनकी आय में और वृद्धि हो सके। मुख्यमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जगदलपुर, कोरबा और जांजगीर के किसानों से सीधा संवाद भी किया, जहाँ हितग्राहियों ने बताया कि वे इस राशि का उपयोग घर बनाने और खेती के विस्तार में करेंगे। राज्य सरकार ने स्पष्ट किया कि वर्ष 2026 तक बस्तर से नक्सलवाद को समाप्त करने और छत्तीसगढ़ को एक विकसित राज्य बनाने का संकल्प पूरा किया जाएगा।
समारोह में 'कृषक उन्नति योजना का वरदान, छत्तीसगढ़ का हर किसान धनवान' थीम पर आधारित वीडियो का विमोचन किया गया। कार्यक्रम में पूर्व विधानसभा अध्यक्ष धरमलाल कौशिक, विधायक अमर अग्रवाल सहित कई जनप्रतिनिधि और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का निरीक्षण किया और दोहराया कि राज्य के खनिज संसाधनों और पर्यटन क्षमता का दोहन कर छत्तीसगढ़ को देश का अग्रणी राज्य बनाया जाएगा।








