शिक्षा के मंदिर कहे जाने वाले आईटीआई (Industrial Training Institute) में एक बेहद शर्मनाक और अमानवीय घटना सामने आई है, जिसने पूरे प्रशासनिक तंत्र पर सवाल खड़े कर दिए हैं। डौंडीलोहारा स्थित इस संस्थान में छात्रों को तकनीकी हुनर सिखाने के बजाय उनसे निर्माण कार्य (construction work) करवाया जा रहा था। इसी दौरान एक छात्र के साथ हुए भीषण हादसे में उसकी 5 उंगलियां कट गईं, जिससे न केवल छात्र का भविष्य दांव पर लग गया है, बल्कि प्रबंधन की संवेदनहीनता भी उजागर हुई है।
मिली जानकारी के अनुसार, पीड़ित छात्र को संस्थान परिसर में हो रहे निर्माण कार्य में मजदूरी के लिए मजबूर किया गया था। आईटीआई का उद्देश्य छात्रों को कौशल विकास के माध्यम से आत्मनिर्भर बनाना है, न कि उनसे संस्थान का निर्माण कार्य करवाना। हादसे के बाद छात्र को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ उसकी स्थिति गंभीर बनी हुई है। इस घटना ने क्षेत्र के अभिभावकों में भारी आक्रोश पैदा कर दिया है। सवाल यह उठता है कि क्या संस्थान में पढ़ाई के नाम पर छात्रों को मजदूर बनाया जा रहा है?
इस मामले के सामने आने के बाद स्थानीय लोगों और छात्रों के परिजनों ने उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। लोगों का कहना है कि जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए ताकि भविष्य में किसी अन्य छात्र को ऐसी त्रासदी का सामना न करना पड़े। प्रशासन को इस मामले को गंभीरता से लेते हुए संस्थान की कार्यप्रणाली की गहन जांच करनी चाहिए, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि शैक्षणिक संस्थान को 'मजदूरी का अड्डा' किसने बनाया। फिलहाल, इस अमानवीय कृत्य के बाद पूरे संस्थान में हड़कंप मचा हुआ है।







