नई दिल्ली/रायपुर: केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री जेपी नड्डा ने देशभर के राज्यों से सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं को 'मिशन मोड' में मजबूत करने का आह्वान किया है। हाल ही में मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और हरियाणा जैसे राज्यों के स्वास्थ्य मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ आयोजित उच्च स्तरीय समीक्षा बैठकों में उन्होंने स्पष्ट किया कि केंद्र सरकार स्वास्थ्य क्षेत्र में आमूलचूल बदलाव के लिए प्रतिबद्ध है और राज्यों को इसमें अग्रणी भूमिका निभानी होगी।
टीबी मुक्त भारत: 2027 का नया संकल्प
जेपी नड्डा ने 'टीबी मुक्त भारत' के लक्ष्य को लेकर सरकार की गंभीरता को दोहराया। उन्होंने कहा कि भारत अब 2027 तक टीबी (तपेदिक) के उन्मूलन की दिशा में तेजी से बढ़ रहा है।
ब्लॉक स्तर पर जांच: टीबी के शुरुआती निदान के लिए ब्लॉक स्तर पर NAAT मशीनें और समुदाय स्तर पर AI-सक्षम हैंडहेल्ड एक्स-रे यूनिट उपलब्ध कराई जा रही हैं।
निक्षय मित्र: 67 लाख से अधिक निक्षय मित्र और लाखों स्वयंसेवक इस 'जन आंदोलन' का हिस्सा बन चुके हैं, जो मरीजों को पोषण और सामाजिक सहायता प्रदान कर रहे हैं।
जिलावार रणनीति: मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे जिला और ब्लॉक स्तर पर गहन स्क्रीनिंग और उपचार के लिए विशेष कार्ययोजना तैयार करें।
स्वास्थ्य सेवाओं का आधुनिकीकरण और सुधार
बैठक के दौरान मंत्री नड्डा ने स्वास्थ्य सेवाओं के बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए:
डायग्नोस्टिक्स का सुदृढ़ीकरण: गुणवत्तापूर्ण जांच (Diagnostics) को प्रभावी स्वास्थ्य सेवा की रीढ़ बताते हुए उन्होंने प्राथमिक और माध्यमिक केंद्रों पर टेस्ट सुविधाओं को बढ़ाने पर जोर दिया।
अस्पताल प्रशासन का पेशेवर प्रबंधन: डॉक्टरों के क्लिनिकल कार्य के साथ-साथ अस्पताल प्रशासन और विनियामक अनुपालन के लिए समर्पित पेशेवर प्रबंधन (Professional Management) की आवश्यकता पर बल दिया गया।
मुफ्त दवा योजना: राज्यों को निर्देश दिया गया कि वे 'फ्री ड्रग्स एंड फ्री डायग्नोस्टिक्स' योजना के तहत सप्लाई चेन की खामियों को दूर करें ताकि मरीजों को बिना किसी बाधा के लाभ मिल सके।
टेलीमेडिसिन का विस्तार: दूरदराज के आदिवासी और ग्रामीण क्षेत्रों (जैसे बस्तर) में विशेषज्ञों की सलाह पहुँचाने के लिए टेलीमेडिसिन और डिजिटल हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर को और मजबूत किया जाएगा।
सहयोगात्मक संघवाद (Cooperative Federalism)
जेपी नड्डा ने कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र में सुधार के लिए केंद्र सरकार राज्यों को नेशनल हेल्थ मिशन (NHM), पीपीपी मॉडल और मेडिकल शिक्षा के विस्तार के माध्यम से हर संभव तकनीकी और ढांचागत सहयोग प्रदान कर रही है। उन्होंने विधायकों (MLAs) के लिए संवेदीकरण कार्यशालाएं आयोजित करने का भी प्रस्ताव दिया ताकि जमीनी स्तर पर स्वास्थ्य परिणामों की जवाबदेही बढ़ाई जा सके।






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