बालोद। छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में जेल सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। जिला जेल से एक ऐसा मोबाइल फोन बरामद हुआ है, जिसका इस्तेमाल एक राजनीतिक दल के जिलाध्यक्ष की हत्या की साजिश रचने में किया गया था। मामले के सामने आते ही पुलिस और जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि जेल में बंद एक आरोपी ने इसी मोबाइल फोन के जरिए बाहर मौजूद साथियों से संपर्क किया और हमले की योजना तैयार की। बातचीत में पीड़ित नेता की रेकी, समय और तरीके तक की चर्चा की गई थी।
जेल के भीतर कैसे पहुंचा मोबाइल?
जांच के दौरान जेल परिसर के एक कोने से मोबाइल फोन बरामद किया गया। यह फोन लंबे समय से जेल के भीतर इस्तेमाल किया जा रहा था। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि
मोबाइल जेल में कैसे पहुंचा
इसमें जेल स्टाफ की कोई भूमिका है या नहीं
पहले भी क्या ऐसे मामलों में फोन का उपयोग हुआ
साजिश का तरीका
पुलिस सूत्रों के अनुसार, आरोपी ने बाहर मौजूद लोगों को पहले नेता को डराने और फिर जानलेवा हमला करने का निर्देश दिया था। साजिश के तहत आर्थिक लाभ और संपत्ति का लालच भी दिया गया था। हालांकि समय रहते पुलिस को सूचना मिल गई, जिससे बड़ा हादसा टल गया।
सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
जेल के भीतर मोबाइल का इस्तेमाल होना गंभीर लापरवाही मानी जा रही है। इस घटना के बाद जेल प्रशासन ने आंतरिक जांच शुरू कर दी है और कई कर्मचारियों से पूछताछ की जा रही है।
आगे की कार्रवाई
पुलिस ने मोबाइल को जब्त कर डिजिटल जांच शुरू कर दी है। कॉल डिटेल्स, चैट और संपर्कों की पड़ताल की जा रही है। साथ ही साजिश में शामिल अन्य लोगों की पहचान कर जल्द गिरफ्तारी की बात कही जा रही है।
इस पूरे मामले ने न सिर्फ जेल सुरक्षा पर सवाल उठाए हैं, बल्कि यह भी दिखाया है कि जेल के भीतर से भी संगठित अपराध को अंजाम देने की कोशिशें जारी हैं।








