दुर्ग जिले के नंदिनी थाना क्षेत्र अंतर्गत बासीन गांव में पुलिस और खाद्य एवं औषधि प्रशासन की संयुक्त टीम ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए अवैध गुटखा फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है। लंबे समय से मिल रही शिकायतों के बाद प्रशासन ने इस फैक्ट्री पर छापा मारा, जहाँ 'मुसाफिर' और 'M4' जैसे नामचीन ब्रांड के नाम पर अवैध रूप से जर्दा युक्त गुटखा बनाया जा रहा था। छापेमारी के दौरान मौके पर भारी मात्रा में गुटखा बनाने की मशीनें, पैकिंग मटेरियल और अन्य कच्चा माल बरामद किया गया है, जिसकी बाजार में कीमत लाखों में आंकी जा रही है।
प्रशासन की इस संयुक्त कार्रवाई में मौके से 13 मजदूरों को हिरासत में लिया गया है, जिनसे पूछताछ की जा रही है। हालांकि, फैक्ट्री का मुख्य संचालक और मालिक मौके से फरार होने में सफल रहा, जिसकी तलाश में पुलिस की टीमें जुटी हुई हैं। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि इन पैकेट्स पर जो लाइसेंस नंबर अंकित थे, उनकी वैधता और असलियत की बारीकी से जांच की जा रही है। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि क्या यह किसी अधिकृत ब्रांड की दूसरी इकाई थी या पूरी तरह से नकली माल तैयार किया जा रहा था।
स्वास्थ्य के लिहाज से बेहद खतरनाक इस अवैध कारोबार के खिलाफ प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। अधिकारियों का कहना है कि गुटखे के नमूनों को जांच के लिए लैब भेजा गया है, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि इसमें मिलाए गए तंबाकू और अन्य रसायनों की मात्रा कितनी घातक है। इस छापेमारी ने क्षेत्र में चल रहे अवैध निर्माण और मिलावटी सामग्री के कारोबार पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस ने फैक्ट्री को सील कर दिया है और आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।


_2026424_115041_m.webp)




