RRT News- छत्तीसगढ़ की प्रशासनिक राजधानी नवा रायपुर (अटल नगर) को पूर्णतः पर्यावरण अनुकूल और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। राज्य सरकार ने नवा रायपुर को 'सोलर सिटी' के रूप में विकसित करने की महत्वाकांक्षी योजना को हरी झंडी दे दी है। इस परियोजना के तहत क्षेत्र में स्थित 18 प्रमुख सरकारी विभागों, कार्यालयों और संस्थानों की छतों पर कुल 2,370 किलोवाट (2.37 मेगावाट) क्षमता के रूफटॉप सोलर power प्लांट लगाए जाएंगे, जिससे सरकारी भवनों की बिजली की निर्भरता पारंपरिक स्रोतों पर कम होगी।
इस पूरी परियोजना की विस्तृत कार्ययोजना छत्तीसगढ़ राज्य अक्षय ऊर्जा विकास अभिकरण (CREDA) द्वारा तैयार की गई है। राज्य सरकार ने इस दूरगामी प्रस्ताव को वित्तीय और तकनीकी रूप से व्यावहारिक बनाने के लिए 'रेस्को मॉडल' (RESCO Model) के तहत लागू करने की मंजूरी दी है। रेस्को मॉडल के तहत सोलर प्लांट लगाने वाली एजेंसी ही इसका खर्च और रखरखाव उठाएगी, और उत्पादित बिजली को तय दरों पर विभागों को बेचा जाएगा, जिससे सरकार पर शुरुआती निवेश का वित्तीय बोझ नहीं पड़ेगा।
इस पहल से न केवल नवा रायपुर के सरकारी विभागों के भारी-भरकम बिजली बिलों में बड़ी कटौती होगी, बल्कि कार्बन उत्सर्जन को कम करने में भी मदद मिलेगी। सचिवालय (महानदी भवन), संचालनालय (इंद्रावती भवन) समेत कई महत्वपूर्ण सरकारी इमारतों को इस परियोजना में शामिल किया जा रहा है। सरकार का लक्ष्य इस परियोजना के जरिए नवा रायपुर को देश के सामने ग्रीन और क्लीन सिटी के एक बेहतरीन मॉडल के रूप में पेश करना है।






