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आजादी के दशकों बाद भी प्यासी है ‘राष्ट्रपति के दत्तक पुत्रों’ की बस्ती: दूषित नदी का पानी पीने को मजबूर पहाड़ी कोरवा, PM जनमन योजना भी बेअसर

Chhattisgarh RRT News Desk 07 May 2026

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RRT News- छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले से विकास के दावों के बीच एक व्यथित करने वाली तस्वीर सामने आई है। लुंड्रा विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले आकांक्षी विकासखंड लखनपुर के बेलदगी ग्राम पंचायत के आश्रित ग्राम छिपनीपानी में पहाड़ी कोरवा जनजाति के लोग आज भी बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रहे हैं। आलम यह है कि गाँव में स्वच्छ पेयजल का कोई पुख्ता इंतजाम न होने के कारण ग्रामीण नालों और दूषित नदी का पानी पीने को मजबूर हैं। राष्ट्रपति के दत्तक पुत्र माने जाने वाले इस संरक्षित जनजाति की सुध लेने वाला कोई नजर नहीं आ रहा है।

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ग्रामीणों का आरोप है कि केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी 'प्रधानमंत्री जनमन योजना', जिसे विशेष रूप से पिछड़ी जनजातियों (PVTG) के उत्थान के लिए बनाया गया है, उसका लाभ भी उन तक नहीं पहुँच पा रहा है। छिपनीपानी में रहने वाले पहाड़ी कोरवा परिवारों के पास न तो शुद्ध पेयजल की सुविधा है और न ही अन्य मूलभूत ढांचा। गंदा पानी पीने की वजह से यहाँ के लोगों में मौसमी बीमारियों और संक्रमण का खतरा हमेशा बना रहता है। ग्रामीणों ने कई बार प्रशासन से गुहार लगाई, लेकिन स्थिति जस की तस बनी हुई है।

इस मामले में स्थानीय विधायक ने भी चिंता व्यक्त की है। विधायक ने स्वीकार किया कि सुदूर वनांचल क्षेत्रों में अब भी कई ऐसी बसाहटें हैं जहाँ शासन की योजनाएं नहीं पहुँच पाई हैं। उन्होंने आश्वासन दिया है कि पहाड़ी कोरवाओं की इस पेयजल समस्या को विधानसभा में उठाने के साथ ही जिला प्रशासन के माध्यम से जल्द से जल्द बोरवेल और सड़क जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। अब देखना यह होगा कि सरकारी तंत्र कब जागता है और छिपनीपानी के इन प्यासे कंठों को स्वच्छ जल नसीब होता है।

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