लखनऊ के गोमती नगर विस्तार में 230 करोड़ रुपये की लागत से बने 'राष्ट्र प्रेरणा स्थल' का लोकार्पण करने के बाद एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आजादी के बाद दशकों तक देश में 'राजनीतिक छुआछूत' का माहौल रहा। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने अपने 'शाही परिवार' के अलावा देश के अन्य महान सपूतों को इतिहास के पन्नों से मिटाने की कोशिश की।
विपक्ष पर प्रहार: "राजनीतिक छुआछूत का अंत"
पीएम मोदी ने एनडीए सरकार की उदारता और समावेशी राजनीति का उदाहरण देते हुए कहा:
प्रणब मुखर्जी और पीवी नरसिम्हा राव: "हमने कांग्रेस पृष्ठभूमि के होने के बावजूद पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी और पूर्व प्रधानमंत्री पीवी नरसिम्हा राव को भारत रत्न से सम्मानित किया।"
मुलायम सिंह यादव: सपा पर सीधा हमला करते हुए मोदी ने कहा, "यह हमारी सरकार है जिसने नेताजी मुलायम सिंह यादव और असम के तरुण गोगोई को मरणोपरांत राष्ट्रीय पुरस्कार (पद्म विभूषण) से सम्मानित किया। कांग्रेस या सपा से ऐसी उम्मीद कोई नहीं कर सकता।"
भाजपा के संस्कार: उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने हमेशा भाजपा को 'अछूत' बनाने की कोशिश की, लेकिन भाजपा के संस्कार हमें सबका सम्मान करना सिखाते हैं।
परिवारवाद की राजनीति पर कटाक्ष
प्रधानमंत्री ने कहा कि विपक्षी दलों की राजनीति केवल एक परिवार के इर्द-गिर्द घूमती है। दिल्ली में जो म्यूजियम (संग्रहालय) था, उसमें केवल एक परिवार के प्रधानमंत्रियों को जगह मिली थी, लेकिन उनकी सरकार ने दिल्ली में भव्य 'प्रधानमंत्री संग्रहालय' बनाया, जहाँ हर पूर्व पीएम के योगदान को सम्मान दिया गया है, चाहे उनका कार्यकाल कितना भी छोटा क्यों न रहा हो।
राष्ट्र प्रेरणा स्थल की विशेषताएं
65 फीट ऊंची प्रतिमाएं: इस स्थल पर डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी, पंडित दीनदयाल उपाध्याय और अटल बिहारी वाजपेयी की 65-65 फीट ऊंची कांस्य प्रतिमाएं स्थापित की गई हैं।
65 एकड़ का परिसर: यह स्मारक 65 एकड़ में फैला है और इसमें एक आधुनिक डिजिटल म्यूजियम, मेडिटेशन सेंटर और एम्फीथिएटर भी है।
सुशासन का संदेश: पीएम ने कहा कि यह स्थल आने वाली पीढ़ियों के लिए राष्ट्र निर्माण की प्रेरणा बनेगा।
यूपी के विकास पर चर्चा
पीएम मोदी ने उत्तर प्रदेश की डबल इंजन सरकार की तारीफ करते हुए कहा कि आज यूपी सुशासन और कानून व्यवस्था के लिए जाना जा रहा है। उन्होंने अनुच्छेद 370 को हटाने का जिक्र करते हुए कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के 'एक विधान, एक निशान' के सपने को उनकी सरकार ने पूरा किया है।








