भारतीय जनता पार्टी की नेता राधिका खेड़ा ने छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और उनके करीबी सहयोगियों पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाकर सियासी गलियारों में हलचल तेज कर दी है। खेड़ा ने हाल ही में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कारोबारी टंडन के साथ बघेल के संबंधों पर सवाल उठाए। उन्होंने सीधे तौर पर पूछा कि आखिर एक छोटा व्यापारी इतनी कम अवधि में इतना बड़ा कारोबारी कैसे बन गया।
सौम्या चौरसिया और टंडन का त्रिकोण
राधिका खेड़ा ने आरोप लगाया कि इस पूरे मामले के तार पूर्व मुख्यमंत्री की करीबी अधिकारी सौम्या चौरसिया से भी जुड़े हुए हैं। उन्होंने दावा किया कि सत्ता के संरक्षण में नियमों को ताक पर रखकर कारोबारी टंडन को अनुचित लाभ पहुँचाया गया। खेड़ा के अनुसार, यह केवल एक व्यापारिक वृद्धि नहीं बल्कि एक सोची-समझी साजिश का हिस्सा है, जिसकी गहराई से जांच होनी चाहिए।
जांच की उठती मांग
खेड़ा ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) और राज्य की जांच एजेंसियों से मांग की है कि भूपेश बघेल, सौम्या चौरसिया और टंडन के बीच हुए वित्तीय लेन-देन की विस्तृत जांच की जाए। उनका कहना है कि छत्तीसगढ़ की जनता की गाढ़ी कमाई का पैसा कुछ चुनिंदा लोगों की जेबों में भरा गया है। उन्होंने "छोटा व्यापारी बड़ा कारोबारी" के फॉर्मूले को सत्ता के दुरुपयोग का परिणाम बताया।
भूपेश बघेल और कांग्रेस का रुख
इन आरोपों पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और कांग्रेस खेमे ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। कांग्रेस का कहना है कि यह केवल आगामी चुनावों को प्रभावित करने और चरित्र हनन करने की एक कोशिश है। बघेल ने पहले भी कई बार कहा है कि उनके खिलाफ लगाए गए सभी आरोप राजनीति से प्रेरित हैं और एजेंसियों का इस्तेमाल विपक्ष को डराने के लिए किया जा रहा है।
छत्तीसगढ़ की सियासत में उबाल
राधिका खेड़ा के इन तीखे हमलों ने छत्तीसगढ़ की राजनीति में एक नया मोड़ ला दिया है। भ्रष्टाचार के इन आरोपों के बाद राज्य में आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या एजेंसियां इन शिकायतों के आधार पर कोई नई जांच शुरू करती हैं या यह मुद्दा केवल चुनावी बयानबाजी तक ही सीमित रहता है।








