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Raipur Janmashtami News: जन्माष्टमी महोत्सव में मुख्यमंत्री साय ने की पूजा, बोले- श्रीकृष्ण का जीवन धर्म और लोककल्याण की प्रेरणा

Chhattisgarh 05 September 2026

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रायपुर, 4 सितंबर 2026: राजधानी के टाटीबंध स्थित इस्कॉन रायपुर के श्री श्री राधा रासबिहारी मंदिर में आयोजित श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महा-महोत्सव में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय शामिल हुए। उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण और राधारानी के दर्शन कर विधि-विधान से पूजा-अर्चना और शंख अभिषेक किया। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों के सुख-समृद्धि, खुशहाली और मंगलमय जीवन की कामना की।

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मुख्यमंत्री ने श्रद्धालुओं को जन्माष्टमी की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का जीवन मानव समाज को धर्म, कर्तव्य और लोककल्याण के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। श्रीमद्भगवद्गीता में दिए गए कर्मयोग के संदेश से आज भी लोग जीवन की चुनौतियों के बीच अपने कर्तव्य पर दृढ़ रहने की सीख लेते हैं।

अन्याय के खिलाफ खड़े होने की प्रेरणा

मुख्यमंत्री ने कहा कि जन्माष्टमी केवल भगवान श्रीकृष्ण के प्राकट्य का उत्सव नहीं, बल्कि उनके जीवन-दर्शन और आदर्शों को आत्मसात करने का अवसर भी है। भगवान श्रीकृष्ण ने अन्याय के विरुद्ध खड़े होने, धर्म की रक्षा करने और समाज के कमजोर वर्गों के साथ खड़े रहने का संदेश दिया। उनके विचार आज भी समाज को दिशा प्रदान करते हैं।

महोत्सव के दौरान मंदिर परिसर ‘हरे कृष्ण, हरे कृष्ण, कृष्ण कृष्ण, हरे हरे’ के महामंत्र से गूंज उठा। मुख्यमंत्री ने भी श्रद्धालुओं के साथ महामंत्र का घोष किया। बड़ी संख्या में भक्तों की मौजूदगी से पूरा मंदिर परिसर भक्तिमय वातावरण में नजर आया।

धार्मिक विरासत को सहेजने पर जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ की धरती प्राचीन काल से धर्म, अध्यात्म और संस्कृति की समृद्ध परंपरा से जुड़ी रही है। माता कौशल्या का मायका और प्रभु श्रीराम का ननिहाल होने के साथ प्रदेश के गांवों, मंदिरों, तीर्थस्थलों और लोक परंपराओं में समृद्ध सांस्कृतिक विरासत दिखाई देती है।

उन्होंने कहा कि भोरमदेव, गंधेश्वर महादेव, मधेश्वर महादेव और कुलेश्वर महादेव जैसे शिवधाम तथा मां बमलेश्वरी, रतनपुर की मां महामाया, माता दंतेश्वरी और मां चंद्रहासिनी जैसे प्रमुख आस्था केंद्र प्रदेश की धार्मिक पहचान को मजबूत करते हैं। इन स्थलों पर श्रद्धालुओं के लिए सुविधाओं का विस्तार और उन्हें बेहतर स्वरूप देने की दिशा में काम किया जा रहा है।

150 करोड़ की लागत से विकसित हो रहा भोरमदेव क्षेत्र

मुख्यमंत्री ने बताया कि ऐतिहासिक भोरमदेव मंदिर क्षेत्र को प्रसाद योजना के तहत करीब 150 करोड़ रुपये की लागत से विकसित किया जा रहा है। इससे धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलने के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार और आजीविका के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है।

उन्होंने कहा कि धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन केवल आस्था से जुड़ा विषय नहीं है, बल्कि इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलती है। पर्यटन बढ़ने से स्थानीय युवा, स्व-सहायता समूह, छोटे कारोबारी और कारीगर नए आर्थिक अवसरों से जुड़ सकते हैं।

50 हजार से अधिक श्रद्धालु कर चुके रामलला के दर्शन

मुख्यमंत्री ने कहा कि अयोध्या में भव्य श्रीराम मंदिर में रामलला के विराजमान होने के बाद छत्तीसगढ़ के लोगों में दर्शन को लेकर विशेष उत्साह है। श्रीरामलला दर्शन योजना के माध्यम से प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों के श्रद्धालुओं को अयोध्याधाम की यात्रा कराई जा रही है। अब तक 50 हजार से अधिक श्रद्धालु इस योजना के माध्यम से रामलला के दर्शन कर चुके हैं।

इसी तरह मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के तहत प्रदेश के वृद्धजनों को देश के प्रमुख तीर्थस्थलों की यात्रा का अवसर उपलब्ध कराया जा रहा है। सरकार का उद्देश्य है कि आर्थिक या अन्य कारणों से कोई श्रद्धालु अपनी तीर्थ यात्रा की इच्छा से वंचित न रहे।

तीन दिन तक चलेगा जन्माष्टमी महा-महोत्सव

इस्कॉन रायपुर के 26वें वर्ष में प्रवेश के अवसर पर 3 से 5 सितंबर तक श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महा-महोत्सव आयोजित किया जा रहा है। महोत्सव में भजन-कीर्तन, पूजा-अर्चना और विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन किया जा रहा है। बड़ी संख्या में श्रद्धालु भगवान श्रीकृष्ण और राधारानी के दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं।

कार्यक्रम में राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा, विधायक पुरन्दर मिश्रा, इस्कॉन रायपुर के पदाधिकारी, संतजन और बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।

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