रायपुर। रायपुर नगर निगम में विकास कार्यों और प्रशासनिक प्रक्रियाओं को गति देने के उद्देश्य से महापौर मीनल चौबे ने ऑडिट प्रक्रिया में हो रही देरी पर कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने निगम के नव-नियुक्त ऑडिटरों की बैठक लेकर स्पष्ट निर्देश दिए कि वित्तीय नियमों के नाम पर फाइलों को अनावश्यक रूप से लंबित रखना और आवश्यक कार्यों को बाधित करना स्वीकार्य नहीं है।
बैठक में महापौर ने कहा कि वित्तीय अनुशासन और ऑडिट प्रक्रिया आवश्यक है, लेकिन इसके कारण विकास कार्यों और जरूरी भुगतानों में देरी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने नाराजगी जताते हुए कहा कि कई फाइलें दिनों तक लंबित रखी जा रही हैं, जिससे ठेकेदारों को भुगतान में परेशानी हो रही है। वहीं डीजल जैसे जरूरी खर्चों की स्वीकृति में विलंब से सफाई, पेयजल और अन्य नागरिक सेवाएं प्रभावित होने की आशंका बढ़ जाती है।
महापौर ने सभी लंबित भुगतानों और आवश्यक फाइलों का निर्धारित समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही भविष्य में प्रत्येक फाइल के ऑडिट के लिए तार्किक समय-सीमा तय करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि शहर के विकास कार्य और जनता के हित सर्वोच्च प्राथमिकता हैं तथा किसी भी स्तर पर अनावश्यक देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।







