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हाई कोर्ट का बड़ा फैसला: अपील में नए साक्ष्य जोड़कर मामला दोबारा नहीं खोला जा सकता

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने सड़क दुर्घटना में महिला की मौत से जुड़े मुआवजा मामले में महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए बीमा कंपनी की अपील खारिज कर दी है। जस्टिस संजय कुमार जायसवाल की एकलपीठ ने मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण (एमएसीटी) सूरजपुर द्वारा मृतका के आश्रितों को दिए गए 9.82 लाख रुपये के मुआवजे के आदेश को सही ठहराया।

मामले में National Insurance Company Limited ने अपील दायर कर नए तथ्य और अतिरिक्त दस्तावेज प्रस्तुत करने की अनुमति मांगी थी। कंपनी का तर्क था कि इन तथ्यों पर विचार किए बिना निर्णय दिया गया है, लेकिन हाई कोर्ट ने इस दलील को स्वीकार नहीं किया।
अदालत ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि अपील स्तर पर नए तथ्य और अतिरिक्त साक्ष्य पेश कर किसी मामले को दोबारा खोलने की अनुमति नहीं दी जा सकती। कोर्ट ने कहा कि अपीलीय प्रक्रिया का उद्देश्य निचली अदालत के निर्णय की वैधानिक समीक्षा करना है, न कि नए सिरे से सुनवाई करना। इस फैसले के साथ मृतका के परिजनों को दिया गया मुआवजा बरकरार रहेगा।







