राजधानी रायपुर के व्यस्ततम जीई मार्ग पर आज उस समय हड़कंप मच गया, जब महावीर पार्क (अनुपम गार्डन) के पास स्थित पुरानी 'नेकी की दीवार' के समीप एक बछड़ा अचानक खुले नाले में गिर गया। नाला गहरा होने के कारण बछड़ा खुद बाहर निकलने में असमर्थ था और काफी मशक्कत कर रहा था। स्थानीय निवासियों ने जैसे ही बछड़े को नाले में संघर्ष करते देखा, उन्होंने तुरंत इसकी सूचना नगर पालिक निगम के जोन 7 कार्यालय को दी।
निगम की टीम का त्वरित रिस्पांस
बछड़े के नाले में गिरने की खबर मिलते ही नगर निगम जोन 7 के कमिश्नर श्री राकेश शर्मा ने मामले को गंभीरता से लिया। उनके निर्देश पर जोन स्वास्थ्य अधिकारी श्री आत्मानंद साहू अपनी विशेष रेस्क्यू टीम और संसाधनों के साथ तत्काल मौके पर पहुँचे। टीम ने बिना समय गवाए बछड़े को सुरक्षित निकालने की योजना बनाई, क्योंकि नाले के भीतर पानी और कीचड़ के कारण स्थिति नाजुक बनी हुई थी।
जेसीबी और रस्सी की मदद से रेस्क्यू
रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए निगम ने तत्काल एक जेसीबी मशीन बुलाई। विशेष टीम के सदस्यों ने अपनी जान जोखिम में डालकर नाले में उतरकर बछड़े को रस्सियों के सहारे मजबूती से बांधा। इसके बाद जेसीबी की मदद से बड़ी सावधानी के साथ बछड़े को ऊपर खींचा गया। काफी देर तक चले इस ऑपरेशन के बाद अंततः बछड़े को सुरक्षित और जीवित बाहर निकाल लिया गया। बाहर निकलते ही प्राथमिक जांच में बछड़ा स्वस्थ पाया गया।
स्थानीय निवासियों ने की सराहना
नगर निगम की इस तत्परता को देखकर मौके पर मौजूद लोगों ने निगम प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की टीम की जमकर सराहना की। लोगों का कहना था कि यदि निगम की टीम समय पर नहीं पहुँचती, तो बछड़े की जान जा सकती थी। स्थानीय निवासियों ने जोन 7 के अधिकारियों का आभार जताते हुए कहा कि सूचना पर इतनी त्वरित प्रतिक्रिया देना प्रशंसनीय है।
खुले नालों को लेकर उठी मांग
इस सफल रेस्क्यू के बाद एक बार फिर शहर के खुले नालों की सुरक्षा को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। स्थानीय लोगों ने निगम प्रशासन से मांग की है कि जीई मार्ग और अन्य व्यस्त इलाकों में जहाँ भी नाले खुले हैं, उन्हें जाली या स्लैब से ढका जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो और मवेशियों के साथ-साथ राहगीर भी सुरक्षित रह सकें।








