छत्तीसगढ़ शासन की भ्रष्टाचार और अवैध निर्माण के विरुद्ध 'जीरो टॉलरेंस' की नीति को धरातल पर उतारते हुए आज रायपुर नगर पालिक निगम और जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। रायपुर जिला कलेक्टर डॉ. गौरव कुमार सिंह के आदेश और निगम आयुक्त श्री विश्वदीप के निर्देशानुसार, शहर के जल निकासी तंत्र को प्रभावित करने वाले अतिक्रमणों पर कड़ा प्रहार किया गया। इसी कड़ी में जोन 10 के अंतर्गत आने वाले रामराजा नाले के पास अवैध कब्जे को पूरी तरह से ध्वस्त कर दिया गया।
यह मामला वार्ड क्रमांक 50 और 51 की सीमा पर स्थित रामराजा नाले का है, जहाँ भू-माफियाओं और स्थानीय अतिक्रमणकारियों द्वारा नाले की भूमि पर अवैध कब्जा कर निर्माण कार्य किया जा रहा था। इस कब्जे के कारण नाले का प्राकृतिक बहाव रुकने का खतरा उत्पन्न हो गया था, जिससे भविष्य में बारिश के दौरान जलभराव की गंभीर स्थिति बन सकती थी। प्रशासन ने शिकायत और स्थल निरीक्षण के बाद इसे प्राथमिकता से हटाने का निर्णय लिया।
कार्रवाई के दौरान राजस्व और निगम की टीम ने वैज्ञानिक तरीके से स्थल का चिन्हांकन किया। नायब तहसीलदार ज्योति सिंह, राजस्व निरीक्षक (RI), पटवारी और जोन कमिश्नर विवेकानंद दुबे की मौजूदगी में नाले की वास्तविक सीमा तय की गई। सीमांकन के बाद जैसे ही यह स्पष्ट हुआ कि निर्माण नाले की जमीन पर है, संयुक्त टीम ने बिना किसी देरी के अवैध रूप से निर्मित बाउंड्रीवॉल, झोपड़ियों और अन्य कच्ची-पक्की संरचनाओं को हटाना शुरू कर दिया।
मौके पर मौजूद सहायक अभियंता सुशील अहीर, उप अभियंता अजय श्रीवास्तव और नगर निगम के उड़नदस्ता दल ने भारी मशीनरी के सहयोग से नाले को पूरी तरह कब्जामुक्त कराया। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि सार्वजनिक संपत्तियों, विशेषकर प्राकृतिक नालों और जल निकायों पर किसी भी तरह का अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस कार्रवाई से अतिक्रमणकारियों में हड़कंप मच गया है।
नगर निगम रायपुर द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, शहर के अन्य जोनों में भी इसी तरह चिन्हांकन की प्रक्रिया जारी है। कलेक्टर ने सख्त निर्देश दिए हैं कि जहाँ भी सरकारी जमीन या जल स्रोतों पर कब्जा पाया जाएगा, वहां बिना भेदभाव के कार्रवाई की जाएगी। रामराजा नाले के पास हुई इस सफल कार्रवाई के बाद अब नाले की सफाई और गहरीकरण का कार्य सुचारू रूप से हो सकेगा, जिससे आसपास की बस्तियों को राहत मिलेगी।








