रायपुर: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के स्कूलों में अब छात्रों की मनमानी और तोड़फोड़ पर लगाम कसने की तैयारी पूरी हो चुकी है। जिला शिक्षा प्रशासन ने स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि यदि कोई छात्र स्कूल परिसर में जानबूझकर संपत्ति को नुकसान पहुंचाता है या किसी भी तरह के उपद्रव में शामिल पाया जाता है, तो उसे स्कूल छोड़ने के समय ट्रांसफर सर्टिफिकेट (TC) और मार्कशीट प्राप्त करने में बड़ी मुश्किल होगी। अब स्कूल प्रबंधन ऐसे छात्रों से नुकसान की शत-प्रतिशत भरपाई कराने के बाद ही उनके दस्तावेज जारी करेगा।
अक्सर देखा गया है कि विदाई समारोह (Farewell) या परीक्षा के आखिरी दिनों में कुछ छात्र उत्साह और गुस्से में आकर स्कूल के फर्नीचर, पंखे, खिड़की-दरवाजे और लैब के सामान को नुकसान पहुंचाते हैं। पूर्व में ऐसे मामलों में छात्रों को केवल चेतावनी देकर छोड़ दिया जाता था, लेकिन अब स्कूल रिकॉर्ड में उनके व्यवहार (Conduct) को भी दर्ज किया जाएगा। नए नियमों के अनुसार, जब तक छात्र या उसके अभिभावक द्वारा किए गए नुकसान की राशि जमा नहीं की जाती, तब तक उनका आवेदन प्रक्रिया में नहीं लिया जाएगा।
शिक्षा विभाग के अधिकारियों का मानना है कि इस कड़े नियम से छात्रों के भीतर जिम्मेदारी का भाव जगेगा और स्कूलों में अनुशासन का माहौल बनेगा। निजी और सरकारी दोनों ही तरह के स्कूलों को इन निर्देशों का पालन करने को कहा गया है। हालांकि, अभिभावकों के एक वर्ग ने इस पर चिंता जताई है, लेकिन अधिकांश प्रिंसिपलों ने इसका स्वागत किया है। उनका कहना है कि स्कूल की संपत्ति सार्वजनिक संपत्ति है और इसकी रक्षा करना हर छात्र का कर्तव्य है।








