रायपुर। स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत स्वच्छ सर्वेक्षण अभियान 2025-26 के तहत रायपुर नगर पालिक निगम जोन क्रमांक 8 के शहीद भगत सिंह वार्ड 21 में एक बड़ी शुरुआत हुई है। एम्स अस्पताल टाटीबंध के सामने स्थित नगर निगम उद्यान परिसर में नए स्वरूप वाले आरआरआर (रिड्यूज, रीयूज, रीसायकल) सेंटर का लोकार्पण किया गया। इस केंद्र का शुभारंभ रायपुर पश्चिम विधायक और पूर्व कैबिनेट मंत्री राजेश मूणत तथा महापौर मीनल चौबे ने किया। इस अवसर पर नगर निगम आयुक्त संबित मिश्रा, स्वास्थ्य विभाग अध्यक्ष गायत्री सुनील चंद्राकर, अपर आयुक्त विनोद पाण्डेय और जोन कमिश्नर राजेश्वरी पटेल सहित कई अधिकारी और आमजन उपस्थित थे।
इस नए स्वरूप वाले आरआरआर सेंटर को अधिक प्रभावी बनाने के लिए नगर निगम ने एक विशेष वाहन उपलब्ध कराया है, जो जोन 8 के सभी 7 वार्डों में जाकर घरों और दुकानों से अनुपयोगी वस्तुएं एकत्र करेगा। इस सेंटर का संचालन मां शीतला महिला स्वसहायता समूह द्वारा किया जाएगा। महापौर मीनल चौबे के निर्देश पर यहां महिलाओं के रोजगार और प्रशिक्षण के लिए सिलाई मशीनों की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा सेंटर में बर्तन बैंक, झोला बैंक और अलग-अलग खंडों वाली अलमारियां बनाई गई हैं, जहाँ पुराने कपड़े, जूते-चप्पल, इलेक्ट्रॉनिक सामान और प्लास्टिक की वस्तुएं व्यवस्थित ढंग से रखी जाएंगी ताकि इन्हें समाज के जरूरतमंद लोगों तक पहुंचाया जा सके।
लोकार्पण के अवसर पर महापौर मीनल चौबे ने बताया कि आरआरआर सेंटर ठोस अपशिष्ट प्रबंधन की एक महत्वपूर्ण अवधारणा है, जिसका उद्देश्य कचरे को स्रोत पर ही कम करना और सर्कुलर इकॉनमी को बढ़ावा देना है। जो सामग्री दोबारा उपयोग के लायक नहीं होगी, उसे स्व-सहायता समूह की महिलाएं थैले और झोले जैसे उपयोगी उत्पादों में बदलेंगी। महापौर ने आगामी विश्व पर्यावरण दिवस (5 जून 2026) के मौके पर रायपुर के सभी नागरिकों से अपील की है कि वे अपने घरों की अनुपयोगी वस्तुओं को इस सेंटर में जमा कर पर्यावरण संरक्षण में अपनी भागीदारी निभाएं, जिससे कचरा कम होने के साथ-साथ किसी जरूरतमंद के चेहरे पर मुस्कान लाई जा सके।







