देश के कई हिस्सों में पारा चढ़ने के साथ ही भीषण गर्मी की शुरुआत हो चुकी है। दोपहर की चिलचिलाती धूप और गर्म हवाओं ने लोगों का घर से निकलना मुश्किल कर दिया है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, इस मौसम में शरीर में पानी की कमी (डिहाइड्रेशन) और हीट स्ट्रोक का खतरा सबसे अधिक होता है। खुद को सुरक्षित रखने के लिए पर्याप्त मात्रा में पानी पीना, नींबू पानी, छाछ और ओआरएस का सेवन करना बेहद जरूरी है, ताकि शरीर का तापमान नियंत्रित बना रहे।
गर्मी का सबसे बुरा असर हमारी त्वचा (Skin) पर पड़ता है। तेज धूप के संपर्क में आने से सनबर्न, टैनिंग और पिंपल्स जैसी समस्याएं आम हो जाती हैं। स्किन को सुरक्षित रखने के लिए घर से बाहर निकलने से कम से कम 20 मिनट पहले अच्छी क्वालिटी का सनस्क्रीन जरूर लगाएं। साथ ही चेहरे को सूती कपड़े या स्कार्फ से ढंकना और आंखों की सुरक्षा के लिए सनग्लासेस का उपयोग करना एक समझदारी भरा कदम है। इस मौसम में हल्के रंग के और ढीले सूती कपड़े पहनना त्वचा के लिए आरामदायक रहता है।
खान-पान में बदलाव करके भी आप गर्मी के साइड इफेक्ट्स से बच सकते हैं। डाइट में तरबूज, खीरा, ककड़ी और संतरे जैसे मौसमी फलों को शामिल करें, जिनमें पानी की मात्रा अधिक होती है। कैफीन युक्त पेय पदार्थ जैसे चाय और कॉफी का सेवन कम करें, क्योंकि ये शरीर को अंदर से सुखाते हैं। यदि आपको चक्कर आना, सिरदर्द या अत्यधिक थकान महसूस हो, तो इसे नजरअंदाज न करें और तुरंत डॉक्टर की सलाह लें, क्योंकि ये लू लगने के शुरुआती लक्षण हो सकते हैं।
त्वचा की ताजगी बनाए रखने के लिए दिन में कम से कम दो बार ठंडे पानी से चेहरा धोएं और रात को सोने से पहले एलोवेरा जेल या हल्का मॉइस्चराइजर लगाएं। छोटे बच्चों और बुजुर्गों का इस मौसम में विशेष ध्यान रखने की जरूरत है, क्योंकि उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होती है। याद रखें, थोड़ी सी सावधानी आपको गर्मी की इन मुश्किलों से बचा सकती है और आप इस मौसम का आनंद सुरक्षित तरीके से ले सकते हैं।








