छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के तमनार में मानवता को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है। यहाँ एक सड़क हादसे के बाद भड़की भीड़ ने ड्यूटी पर तैनात एक महिला आरक्षक के साथ न केवल मारपीट की, बल्कि बर्बरता की सारी हदें पार कर दीं। उग्र भीड़ ने महिला आरक्षक को दौड़ा-दौड़ा कर पीटा और खेत में गिराकर उसे घसीटा। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने उसकी वर्दी फाड़ दी और उसे अर्धनग्न कर दिया।
घटना का एक विचलित करने वाला वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें महिला आरक्षक अपनी जान बचाने की गुहार लगा रही है। वीडियो में वह रोते हुए हमलावरों से "भाई छोड़ दो, माफ कर दो" कहते हुए हाथ जोड़ रही है, लेकिन भीड़ का गुस्सा शांत नहीं हुआ। बताया जा रहा है कि यह हिंसा एक भारी वाहन की चपेट में आने से एक स्थानीय युवक की मौत के बाद भड़की थी, जिसके बाद चक्काजाम करने पहुंचे लोग हिंसक हो उठे।
पुलिस बल ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश की, लेकिन भीड़ इतनी उग्र थी कि उन्होंने पुलिसकर्मियों पर ही हमला बोल दिया। महिला आरक्षक को बचाने आए अन्य जवानों के साथ भी धक्का-मुक्की की गई। इस अमानवीय कृत्य के बाद पूरे इलाके में तनाव का माहौल है। घायल महिला आरक्षक को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ उसकी हालत गंभीर बनी हुई है और वह गहरे सदमे में है।
रायगढ़ पुलिस ने इस मामले को बेहद गंभीरता से लिया है। उच्चाधिकारियों का कहना है कि वायरल वीडियो के आधार पर हमलावरों की पहचान की जा रही है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि वर्दीधारी महिला के साथ इस तरह की दरिंदगी करने वालों के खिलाफ गैर-जमानती धाराओं के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। अब तक कई संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
इस घटना ने एक बार फिर कानून-व्यवस्था और भीड़तंत्र की मानसिकता पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। ड्यूटी पर तैनात महिला सुरक्षाकर्मी के साथ हुई इस हैवानियत की चौतरफा निंदा हो रही है। प्रशासन ने क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया है ताकि दोबारा कोई अप्रिय घटना न हो। दोषियों की गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग टीमें छापेमारी कर रही हैं।








