Breaking
- Chhattisgarh Tourism Mission: 500 करोड़ की मिशन निधि से पर्यटन को मिलेगा बढ़ा...
- Raipur Water Supply: अशोक नगर-गोगांव में जलसंकट दूर करने की तैयारी, रेलवे क्र...
- CM Helpline News: छत्तीसगढ़ में 2 लाख शिकायतों पर मुख्य सचिव सख्त, भौतिक सत्य...
- Organic Bastar News: दंतेवाड़ा की 930 महिला किसानों को बड़ी उपलब्धि, इमली-महु...
- Homeopathy College Raipur: नवा रायपुर में खुलेगा छत्तीसगढ़ का पहला सरकारी होम...
- Firecracker Seizure: जांजगीर-चांपा में रिहायशी इलाके से 8.56 लाख के पटाखे जब्...
- Tamil Nadu Labour Case: नौकरी का झांसा देकर CG के दो मजदूरों को तमिलनाडु ले ज...
- Medicine Safety Alert: दवा खरीदते समय एक्सपायरी डेट के साथ लाल पट्टी भी देखें...
- Abujhmad Solar Water Project: अबूझमाड़ के 371 गांवों में पेयजल सुविधा का विस्...
- Chhattisgarh Drug Control: नशे के अवैध कारोबार पर सख्ती की तैयारी, मुख्य सचिव...
शिक्षक समाचार: डिग्री-डिप्लोमा विवाद ने फिर रोका पदोन्नति का रास्ता, D.El.Ed शिक्षकों के प्रमोशन पर लगी रोक

छत्तीसगढ़ के शिक्षा विभाग में शिक्षकों की पदोन्नति (Promotion) की प्रक्रिया एक बार फिर कानूनी और तकनीकी पेंच में फंस गई है। डिग्री और डिप्लोमा धारक शिक्षकों के बीच लंबे समय से चल रहे विवाद ने हजारों शिक्षकों के भविष्य पर सवालिया निशान लगा दिया है। विभाग द्वारा हाल ही में जारी निर्देशों के बाद D.El.Ed (डिप्लोमा इन एलीमेंट्री एजुकेशन) योग्यता वाले शिक्षकों की पदोन्नति को फिलहाल रोक दिया गया है, जिससे शिक्षकों में भारी रोष व्याप्त है।

विवाद का मुख्य केंद्र पदोन्नति के लिए अनिवार्य शैक्षणिक योग्यता है। डिग्री धारक शिक्षकों का तर्क है कि उच्च पदों के लिए उच्च शैक्षणिक योग्यता (Degree) को प्राथमिकता दी जानी चाहिए, जबकि डिप्लोमा धारक शिक्षक वरिष्ठता और अनुभव के आधार पर अपने समान अधिकार का दावा कर रहे हैं। इस खींचतान के कारण विभाग स्पष्ट नीति बनाने में असमर्थ दिख रहा है, जिसका सीधा असर पदोन्नति की सूची पर पड़ रहा है।
पदोन्नति प्रक्रिया बार-बार रुकने से उन शिक्षकों को सबसे अधिक नुकसान हो रहा है जो सेवा के अंतिम पड़ाव पर हैं। कई शिक्षक वर्षों से प्रमोशन का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन डिग्री और डिप्लोमा के इस तकनीकी विवाद ने उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। शिक्षा विभाग के कार्यालयों में अपनी फाइलें लेकर चक्कर काट रहे शिक्षकों का कहना है कि प्रशासन की ढुलमुल नीति के कारण उनका हक छीना जा रहा है।
शिक्षक संगठनों ने इस स्थिति पर कड़ी आपत्ति जताई है। विभिन्न संघों का कहना है कि सरकार और विभाग को इस विवाद का स्थायी समाधान निकालना चाहिए ताकि शिक्षण व्यवस्था प्रभावित न हो। संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही डी.एल.एड शिक्षकों की पदोन्नति प्रक्रिया बहाल नहीं की गई और स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी नहीं किए गए, तो वे सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे।
फिलहाल, इस विवाद के कारण उच्च कार्यालयों से लेकर जिला स्तर तक पदोन्नति की फाइलें धूल फांक रही हैं। शिक्षकों ने मांग की है कि नियमों में स्पष्टता लाते हुए वरिष्ठता सूची के आधार पर जल्द से जल्द प्रमोशन की कार्रवाई पूरी की जाए। अब सभी की नजरें शिक्षा विभाग के अगले आदेश पर टिकी हैं कि क्या सरकार इस जटिल पहेली को सुलझाकर शिक्षकों को नए साल का तोहफा दे पाएगी या नहीं।







