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'अब पानी की कोई कमी नहीं': सीएम मोहन यादव बोले- नदी जोड़ो अभियान से बदलेगा प्रदेश का भविष्य...

Political 14 December 2025

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भोपाल। मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री मोहन यादव की सरकार ने अपने दो साल पूरे कर लिए हैं। इस महत्वपूर्ण अवसर पर, IBC24 द्वारा आयोजित 'माइंड समिट 2025' स्टूडियो एडिशन में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने सरकार की उपलब्धियों, चुनौतियों और भविष्य की योजनाओं पर खुलकर बात की। इसी क्रम में उन्होंने प्रदेश के भविष्य के लिए नदी जोड़ो अभियान को गेमचेंजर बताया और कहा कि इस अभियान के कारण अब राज्य में पानी की कोई कमी नहीं होगी।

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केन-बेतवा के बाद पीकेसी योजना बनी मील का पत्थर

सीएम यादव ने नदी जोड़ो अभियान की सफलता का उल्लेख करते हुए कहा कि केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना से मिले लाभ बहुत तेजी से सामने आए हैं। उन्होंने कहा कि पार्वती, कालीसिंध और चंबल (PKC) लिंक परियोजना एक नए युग की शुरुआत है। उन्होंने गृह मंत्री जी का आभार व्यक्त किया कि इस योजना के बल पर वर्षों से चले आ रहे मध्य प्रदेश और राजस्थान के जल विवादों का समाधान हुआ। अब दोनों राज्यों को परस्पर सहयोग के आधार पर पानी मिलेगा, जिससे नीमच, मंदसौर और चंबल जैसे कैचमेंट एरिया में सिंचाई के अवसर बढ़ेंगे।

 ₹1 लाख करोड़ की पीकेसी योजना में केंद्र का 90% योगदान

मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार के सहयोग को रेखांकित करते हुए बताया कि नदी जोड़ो अभियान का सिलसिला अब थमने वाला नहीं है। उन्होंने कहा कि ₹1 लाख करोड़ की पीकेसी योजना में केंद्र सरकार ₹90,000 करोड़ का बड़ा फंड दे रही है। इसके अलावा, ताप्ती नदी के लिए भी ₹70,000 करोड़ का जल पुनर्भरण प्रोजेक्ट तैयार किया जा रहा है, जिसमें 90% फंड केंद्र सरकार देगी। ताप्ती परियोजना से बुरहानपुर, खंडवा और खरगोन जैसे जिलों को पीने के पानी, सिंचाई और उद्योगों के लिए एक मजबूत आधार मिलेगा।

 टनल से जुड़ेगी नदी की धारा: कृषि के लिए भूमि का होगा अधिकतम उपयोग

सीएम यादव ने भविष्य की योजनाओं की जानकारी देते हुए चित्रकूट में केन-बेतवा के रिवाइज्ड प्रोजेक्ट का एक दिलचस्प पहलू साझा किया। उन्होंने कहा कि सरकार एक नया प्रयास कर रही है, जिसमें नदी की धारा को 50 किलोमीटर नीचे एक बड़े डक्ट (टनल) के अंदर भेजा जाएगा। यह राज्य में पहली बार होगा, जहां नदी जोड़ो अभियान के तहत नदी का पानी नीचे से ऊपर की ओर ले जाया जाएगा और ऊपर की कृषि भूमि का उपयोग खेती के लिए जारी रहेगा।

जल सुरक्षा से बदलेगी जीवन रेखा: बड़े शहर भी नर्मदा से जुड़े

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने जोर देकर कहा कि नदी जोड़ो परियोजनाओं ने राज्य की जल सुरक्षा को सुनिश्चित किया है। उन्होंने कहा कि पहले कोई सोच भी नहीं सकता था कि भोपाल, इंदौर, और उज्जैन जैसे बड़े शहर नर्मदा नदी से जुड़ पाएंगे, लेकिन आज यह हकीकत है। उन्होंने दावा किया कि जल पुनर्भरण की इन योजनाओं से न केवल पीने और सिंचाई की आवश्यकताओं को पूरा किया जाएगा, बल्कि उद्योगों के लिए भी पानी की उपलब्धता सुनिश्चित होगी, जिससे प्रदेश की आर्थिक और सामाजिक जीवन रेखा मजबूत होगी।

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