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धार में बैंक भर्ती घोटाले का खुलासा, 6 लाख में नौकरी दिलाने वाला रैकेट पकड़ा गया

मध्य प्रदेश के धार जिले में बैंक भर्ती से जुड़ा एक बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। आईबीपीएस क्लर्क भर्ती प्रक्रिया के दौरान पहचान सत्यापन में गड़बड़ी मिलने पर पुलिस ने जांच शुरू की, जिसमें पैसे लेकर नौकरी दिलाने वाले गिरोह का पर्दाफाश हुआ।

मामला तब सामने आया जब भर्ती से जुड़े बायोमेट्रिक सत्यापन के दौरान एक उम्मीदवार की पहचान दस्तावेज़ों से मेल नहीं खाई। पूछताछ में युवक घबरा गया और भागने की कोशिश करने लगा, जिसके बाद उसे मौके पर ही पकड़ लिया गया। सख्ती से पूछताछ करने पर उसने स्वीकार किया कि उसने किसी और के नाम से परीक्षा दी थी।
जांच में सामने आया कि आरोपी लंबे समय से बैंक भर्ती परीक्षाओं में फर्जी तरीके से लोगों को बैठाकर पास करवा रहे थे। इस काम के बदले उम्मीदवारों से 6 से 8 लाख रुपये तक वसूले जाते थे। फॉर्म भरने से लेकर फोटो बदलने और परीक्षा में डमी उम्मीदवार बैठाने तक की पूरी व्यवस्था एक सुनियोजित तरीके से की जाती थी।
पुलिस ने इस मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें एक ऐसा व्यक्ति भी शामिल है, जो खुद बैंक में नौकरी कर रहा था। आरोपियों के पास से मोबाइल फोन, दस्तावेज़ और डिजिटल डेटा जब्त किया गया है, जिनमें कई अन्य संदिग्ध नामों और लेन-देन की जानकारी मिली है।
पुलिस का कहना है कि यह सिर्फ एक मामला नहीं, बल्कि बैंक भर्ती से जुड़ा संगठित नेटवर्क हो सकता है। गिरोह में शामिल अन्य लोगों की तलाश जारी है और यह भी जांच की जा रही है कि कहीं अन्य भर्तियों में भी इसी तरह की धोखाधड़ी तो नहीं हुई।
इस घटना के सामने आने के बाद बैंक भर्ती प्रक्रियाओं की सुरक्षा और पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो गए हैं। प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और पूरी भर्ती प्रक्रिया की दोबारा जांच की जाएगी।







