अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने एक बार फिर सनसनीखेज दावा किया है कि भारत और पाकिस्तान के बीच हालिया सैन्य तनाव को उन्होंने 350\% टैरिफ लगाने की चेतावनी देकर खत्म कराया था। ट्रम्प ने यह बात अमेरिका–सऊदी इन्वेस्टमेंट फोरम में कही।
'पहले पाकिस्तान, फिर मोदी का फोन'
ट्रम्प के अनुसार, सबसे पहले उन्हें पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शाहबाज शरीफ का फोन आया, जिन्होंने उन्हें "लाखों लोगों की जान बचाने" के लिए धन्यवाद दिया। ट्रम्प ने दावा किया कि इसके तुरंत बाद भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का फोन आया।
ट्रम्प का दावा: मोदी ने फोन पर कहा, “हम खत्म कर चुके हैं।” जब ट्रम्प ने पूछा— "क्या खत्म कर चुके हो?" तो मोदी का जवाब था— “हम जंग नहीं करने जा रहे हैं।”
पहलगाम हमला और सीजफायर का संदर्भ
यह दावा भारत द्वारा पहलगाम हमले के जवाब में 7 मई को शुरू किए गए ऑपरेशन सिंदूर और उसके बाद 10 मई को दोनों देशों द्वारा घोषित सीजफायर के संदर्भ में आया है। ट्रम्प ने दावा किया कि उन्होंने ही इस संघर्ष-विराम की जानकारी सबसे पहले साझा की थी और वह 60 से अधिक बार इस दखलअंदाजी का दावा दोहरा चुके हैं।
भारत का रुख: हालांकि, भारत लगातार कहता रहा है कि सीजफायर दोनों देशों की सीधी बातचीत का नतीजा था और इसमें किसी तीसरे देश का कोई योगदान नहीं था।
पहले भी किया था 250\% टैरिफ धमकी का जिक्र
29 अक्टूबर को साउथ कोरिया में APEC CEO समिट में भी ट्रम्प ने ऐसा ही दावा किया था। उन्होंने कहा था कि संघर्ष न रुकने पर उन्होंने दोनों देशों पर 250\% टैरिफ लगाने की धमकी दी थी, जिसके दो दिन बाद सीजफायर पर सहमति बनी। इस दौरान ट्रम्प ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शाहबाज शरीफ और फील्ड मार्शल आसिम मुनीर की तारीफ भी की थी।
भारत पर टैरिफ कम करने का ऐलान
ट्रम्प ने 10 नवंबर को कहा कि अमेरिका और भारत एक नए व्यापार समझौते के बेहद करीब पहुंच चुके हैं और अमेरिका भारत पर लगे टैरिफ को धीरे-धीरे कम करेगा।
टैरिफ का ब्रेकडाउन: ट्रम्प ने दावा किया कि भारत पर लगाए गए 50\% टैरिफ में से 25\% "रेसीप्रोकल" और 25\% "रूसी तेल खरीद" पर पेनल्टी के रूप में लगाया गया था। उनका आरोप है कि भारत की तेल खरीद से रूस-यूक्रेन युद्ध को फंड मिलता है।
'मोदी के साथ शानदार संबंध'
ट्रम्प ने भारत को दुनिया का सबसे बड़ा और सबसे पुराना सभ्यता वाला देश बताते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के साथ उनके "शानदार संबंध" हैं। उन्होंने कहा कि भारत हिंद-प्रशांत क्षेत्र में अमेरिका का एक महत्वपूर्ण आर्थिक और रणनीतिक साझेदार है।








