RRT News- रायपुर सहित पूरे देश में होने वाली आगामी जनगणना 2027 इस बार पहले के मुकाबले काफी अलग और विस्तृत होने वाली है। केंद्र सरकार ने इस बार प्रश्नावली में व्यापक बदलाव किए हैं, जिसके तहत अब प्रगणक आपके घर की बनावट की बारीकियों को भी दर्ज करेंगे। इसमें विशेष रूप से आपके घर के फर्श, दीवार और छत में इस्तेमाल की गई निर्माण सामग्री (जैसे सीमेंट, पत्थर, लकड़ी या टाइल्स) की विस्तृत जानकारी मांगी जाएगी।
इस डिजिटल जनगणना का मुख्य उद्देश्य लोगों के जीवन स्तर का सटीक आकलन करना है। रायपुर के नागरिकों को अब अपने घर में उपलब्ध बुनियादी सुविधाओं जैसे शौचालय के प्रकार और पेयजल के मुख्य स्रोत (नल, हैंडपंप या कुआं) के बारे में भी स्पष्ट डेटा देना होगा। सरकार इन आंकड़ों का उपयोग भविष्य की योजनाओं और शहरी विकास की रूपरेखा तैयार करने के लिए करेगी, ताकि लक्षित समूहों तक सरकारी लाभ पहुँचाया जा सके।
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, 2027 की इस प्रक्रिया में तकनीक का भरपूर इस्तेमाल किया जाएगा, जिससे डेटा संकलन में पारदर्शिता बनी रहे। उपभोक्ताओं को यह भी बताना होगा कि उनके घर में बिजली का कनेक्शन है या नहीं, और वे खाना पकाने के लिए किस प्रकार के ईंधन का उपयोग कर रहे हैं। रायपुर जिला प्रशासन जल्द ही इस संबंध में कर्मचारियों को विशेष प्रशिक्षण देने की तैयारी शुरू करने वाला है।
जनगणना की इस नई पद्धति से न केवल जनसंख्या के आंकड़े मिलेंगे, बल्कि यह भी स्पष्ट होगा कि देश और प्रदेश में आवास की स्थिति कैसी है। नागरिकों से अपील की गई है कि वे सही और सटीक जानकारी साझा करें, क्योंकि इन्ही आंकड़ों के आधार पर अगले एक दशक के लिए विकास नीतियों और बजट का निर्धारण होगा। यह जनगणना डिजिटल इंडिया की दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर साबित हो सकती है।







