Raipur: छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में ठगी का एक बेहद हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां के एक प्रतिष्ठित सराफा व्यापारी को शातिर ठग ने अपनी बातों के जाल में इस कदर उलझाया कि व्यापारी ने बिना किसी एडवांस पेमेंट के करीब 36 लाख रुपये का सोना आरोपी को कुरियर कर दिया। अब जब भुगतान का समय आया, तो आरोपी ने अपना मोबाइल बंद कर लिया है और व्यापारी अपनी जमा-पूंजी वापस पाने के लिए पुलिस और दफ्तरों के चक्कर काट रहा है।
जानकारी के अनुसार, ठग ने खुद को एक बड़ा कारोबारी बताकर पीड़ित व्यापारी से संपर्क किया था। उसने जेवरों के बड़े ऑर्डर का लालच दिया और विश्वास जीतने के लिए कुछ फर्जी दस्तावेज और ट्रांजैक्शन की रसीदें भी दिखाईं। व्यापारी को लगा कि यह एक बड़ा बिजनेस डील हो सकता है, इसलिए उसने आरोपी के बताए पते पर सोने के जेवरों की खेप कुरियर के माध्यम से भेज दी।
धोखाधड़ी का अहसास तब हुआ जब कुरियर की डिलीवरी होने के बाद भी व्यापारी के खाते में पैसे नहीं आए। पीड़ित ने जब आरोपी से संपर्क किया, तो उसने शुरुआत में तकनीकी समस्या का बहाना बनाया और फिर अचानक गायब हो गया। जब व्यापारी ने कुरियर के पते पर जाकर जांच की, तो पता चला कि वहां उस नाम का कोई व्यक्ति रहता ही नहीं है और जिस पते का इस्तेमाल किया गया था, वह महज एक दिखावा था।
पीड़ित सराफा व्यापारी ने अब बिलासपुर पुलिस में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस की प्राथमिक जांच में यह बात सामने आई है कि ठग ने अपनी पहचान छिपाने के लिए फर्जी सिम कार्ड और जाली पतों का सहारा लिया था। पुलिस अब कुरियर ऑफिस के सीसीटीवी (CCTV) फुटेज और मोबाइल टावर लोकेशन के जरिए आरोपी की तलाश में जुट गई है। इस घटना ने पूरे सराफा बाजार में सुरक्षा और व्यापारिक लेन-देन के तरीकों पर चिंता बढ़ा दी है।
बिलासपुर पुलिस ने इस मामले के बाद सभी व्यापारियों के लिए एडवाइजरी जारी की है। पुलिस ने अपील की है कि किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ बिना पूर्ण सत्यापन और भुगतान सुरक्षा के बड़े सौदे न करें। 'चमकते सोने' के लालच में आकर बिना सुरक्षा मानकों के कुरियर सेवा का उपयोग करना जोखिम भरा हो सकता है। फिलहाल, पुलिस की साइबर सेल टीम आरोपी के डिजिटल पदचिह्नों (Digital Footprints) को ट्रैक कर रही है।






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