Breaking

रायपुर के स्कूल में खूनी खेल: क्लासरूम बना अखाड़ा, नाबालिग छात्रों ने सरेआम लहराया चाकू; रोंगटे खड़े कर देने वाला वीडियो वायरल...

Crime RRT News Desk 05 February 2026 (19)

post

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से शिक्षा व्यवस्था और बच्चों के संस्कार पर सवाल खड़े करने वाली एक डरावनी तस्वीर सामने आई है। शहर के एक सरकारी स्कूल का क्लासरूम उस समय अखाड़े में तब्दील हो गया, जब मामूली विवाद के बाद नाबालिग छात्र आपस में भिड़ गए। हैरानी की बात यह है कि इस झगड़े के दौरान छात्रों ने मर्यादा की सारी हदें पार करते हुए क्लासरूम के भीतर ही सरेआम चाकू लहराया। इस पूरी घटना का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने अभिभावकों और स्कूल प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है।

Advertisement

वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि यूनिफॉर्म पहने कुछ छात्र एक-दूसरे पर लात-घूसों से हमला कर रहे हैं। इसी बीच, एक छात्र अपनी जेब से फोल्डिंग चाकू निकालता है और दूसरे छात्र को डराने के लिए उसे हवा में लहराता है। क्लास में मौजूद अन्य छात्र डरकर शोर मचा रहे हैं, लेकिन कोई भी उन्हें रोकने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा है। वीडियो को देखकर यह साफ अंदाजा लगाया जा सकता है कि इन नाबालिगों के मन में कानून और स्कूल के अनुशासन का जरा भी डर नहीं बचा है।

यह घटना राजधानी के टिकरापारा थाना क्षेत्र के एक स्कूल की बताई जा रही है। बताया जा रहा है कि छात्रों के दो गुटों के बीच किसी पुरानी बात को लेकर अनबन थी, जो क्लासरूम के भीतर हिंसक संघर्ष में बदल गई। चाकूबाजी की इस नौबत ने स्कूल की सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि आखिर छात्र स्कूल के भीतर घातक हथियार लेकर कैसे पहुंच गए और क्या क्लास के बाहर कोई शिक्षक या स्टाफ मौजूद नहीं था?

सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस और शिक्षा विभाग हरकत में आ गया है। टिकरापारा थाना पुलिस ने वीडियो के आधार पर छात्रों की पहचान शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह एक गंभीर मामला है और इसमें शामिल नाबालिगों के साथ-साथ उनके अभिभावकों की भी काउंसलिंग की जाएगी। वहीं, स्कूल प्रबंधन ने भी अनुशासनहीनता बरतने वाले छात्रों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने और उन्हें स्कूल से निष्कासित करने के संकेत दिए हैं।

इस घटना ने एक बार फिर युवाओं में बढ़ती हिंसक प्रवृत्ति और 'वेपन कल्चर' (हथियार संस्कृति) के प्रभाव को उजागर किया है। मनोचिकित्सकों का मानना है कि सोशल मीडिया और वेब सीरीज में दिखाई जाने वाली हिंसा बच्चों के कोमल मन पर बुरा असर डाल रही है। रायपुर पुलिस ने इस मामले में संज्ञान लेते हुए सभी स्कूलों को निर्देश दिए हैं कि छात्रों के बैग की औचक जांच की जाए ताकि स्कूल परिसर के भीतर किसी भी तरह के अवैध या खतरनाक सामान के प्रवेश को रोका जा सके।

You might also like!