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भौतिक प्रगति के साथ संस्कृति और मानवीय मूल्यों को सहेजना ही सच्चा विकास : मंत्री टंकराम वर्मा

बिलासपुर। बिल्हा विकासखंड के ग्राम कड़ार में 20 लाख रुपये की लागत से बनने वाले सामुदायिक भवन का भूमिपूजन किया गया। कार्यक्रम में प्रदेश के राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने कहा कि भौतिक प्रगति के साथ अपनी समृद्ध परंपरा, संस्कृति और मानवीय मूल्यों को सहेजकर रखना ही सच्चे विकास की पहचान है। उन्होंने कहा कि आधुनिकता के दौर में विकास जरूरी है, लेकिन इसके साथ सामाजिक प्रेम, भाईचारा और पारिवारिक संस्कारों को बनाए रखना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।

मंत्री टंकराम वर्मा ने डॉ. खूबचंद बघेल और स्वामी आत्मानंद महाराज जैसी महान विभूतियों के योगदान को याद करते हुए कहा कि समाज के लिए अच्छे कार्य करने वाले लोग ही इतिहास में अमर होते हैं। उन्होंने छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण का उल्लेख करते हुए पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के योगदान को भी याद किया। मंत्री ने कहा कि राज्य निर्माण के बाद सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और अधोसंरचना के क्षेत्र में लगातार विकास हुआ है।
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में सामाजिक और आर्थिक बदलाव तेजी से आया है। कृषि के साथ लोग व्यवसाय, व्यापार और नौकरी के क्षेत्र में भी आगे बढ़े हैं। गांवों में स्कूल, स्वास्थ्य सुविधाएं और अन्य बुनियादी सेवाओं की पहुंच बढ़ी है। हालांकि, इस विकास के साथ सांस्कृतिक मूल्यों और पारिवारिक मर्यादाओं को सुरक्षित रखना जरूरी है। उन्होंने कहा कि ऐसा समाज बनाना चाहिए जहां आपसी प्रेम, भाईचारा, संवेदनशीलता और सुख-दुख में एक-दूसरे का साथ देने की भावना कायम रहे।
वरिष्ठ नेतृत्व के अनुभव से मिलती है प्रेरणा
कार्यक्रम में पूर्व विधानसभा अध्यक्ष एवं विधायक धरमलाल कौशिक ने वरिष्ठ नेताओं के अनुभव और मार्गदर्शन को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ नेतृत्व के जीवन अनुभवों से सीख लेकर समाज और संगठन की सेवा के क्षेत्र में आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलती है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण के बाद प्रदेश ने विकास के क्षेत्र में महत्वपूर्ण प्रगति की है और दूरस्थ क्षेत्रों तक बुनियादी सुविधाओं की पहुंच बढ़ी है।
कार्यक्रम में क्रेडा अध्यक्ष भूपेंद्र सवन्नी, ग्राम पंचायत सरपंच ब्रजेश दुबे सहित जनप्रतिनिधि, वरिष्ठ नागरिक और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।






