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चिंतन शिविर 3.0 का समापन: विकसित छत्तीसगढ़ के लिए सुशासन, तकनीक, कृषि और पर्यटन पर बना रोडमैप

रायपुर। विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण और सुशासन को अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से आयोजित दो दिवसीय 'चिंतन शिविर 3.0' का सफलतापूर्वक समापन हो गया। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि यह शिविर अब केवल विचार-विमर्श का मंच नहीं, बल्कि शासन व्यवस्था में ठोस सुधारों का माध्यम बन चुका है। उन्होंने विश्वास जताया कि यहां से प्राप्त सुझाव राज्य की विकास यात्रा को नई दिशा देंगे।

मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले चिंतन शिविरों से मिले सुझावों के आधार पर ई-ऑफिस, मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 और सेवा सेतु जैसी महत्वपूर्ण पहलें सफलतापूर्वक लागू की गई हैं। सेवा सेतु के माध्यम से 36 विभागों की 520 से अधिक सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध कराई गई हैं, जिससे नागरिकों को पारदर्शी और सरल सेवाएं मिल रही हैं।
पर्यटन, तकनीक और कृषि पर विशेष मंथन
शिविर में पर्यटन विशेषज्ञ सुमन बिल्ला ने कहा कि छत्तीसगढ़ प्राकृतिक, जनजातीय और सांस्कृतिक पर्यटन के क्षेत्र में देश का अग्रणी गंतव्य बनने की क्षमता रखता है। उन्होंने पर्यटन अवसंरचना, निवेश और सामुदायिक भागीदारी को बढ़ावा देने पर जोर दिया।
नीति आयोग के सदस्य प्रो. अभय करंदीकर ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), 5G, ड्रोन, ब्लॉकचेन, डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर और डेटा आधारित प्रशासन की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि तकनीक के बेहतर उपयोग से शासन को अधिक पारदर्शी और नागरिक-केंद्रित बनाया जा सकता है।
वहीं कृषि विशेषज्ञ डॉ. रमेश चंद और टी. विजय कुमार ने प्राकृतिक खेती, जलवायु-अनुकूल कृषि, फसल विविधीकरण और आधुनिक तकनीक के जरिए किसानों की आय बढ़ाने के उपाय प्रस्तुत किए।
जिला आधारित विकास मॉडल पर जोर
लोकसभा सांसद शशांक मणि त्रिपाठी ने जिला-केंद्रित विकास मॉडल की वकालत करते हुए कहा कि प्रत्येक जिले की आर्थिक क्षमता के अनुरूप विकास योजनाएं तैयार की जानी चाहिए। इससे रोजगार, उद्यमिता और स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी।
विकसित छत्तीसगढ़ की दिशा में अहम कदम
समापन सत्र में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि चिंतन शिविर 3.0 से प्राप्त सुझावों को जल्द ही नीतिगत और प्रशासनिक स्तर पर लागू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि विकसित भारत 2047 के राष्ट्रीय संकल्प के अनुरूप यह शिविर विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा।







