Breaking

CJI की अहम टिप्पणी: 'कार केवल वाहन नहीं, स्टेटस सिंबल है; हम लोगों को कार खरीदने से नहीं रोक सकते'...

National 06 January 2026

post

नई दिल्ली: देश की राजधानी में बढ़ते प्रदूषण को लेकर सुप्रीम कोर्ट में हुई सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) डी.वाई. चंद्रचूड़ ने एक महत्वपूर्ण मौखिक टिप्पणी की। एक वकील द्वारा प्रदूषण कम करने के लिए कारों की संख्या पर रोक लगाने के सुझाव पर सीजेआई ने कहा कि भारत में कार खरीदना एक 'स्टेटस सिंबल' बन चुका है और इसे कानूनी तौर पर रोकना संभव नहीं है। अदालत ने स्पष्ट किया कि लोग जीवन भर पैसा बचाकर अपने सपनों की कार खरीदते हैं, जिसे प्रतिबंधित करना व्यावहारिक नहीं है।

Advertisement

सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता ने दलील दी थी कि दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण का मुख्य कारण निजी वाहनों की बढ़ती संख्या है, इसलिए नई कारों के रजिस्ट्रेशन पर लगाम लगानी चाहिए। इस पर बेंच ने असहमति जताते हुए कहा कि वाहन केवल परिवहन का साधन नहीं हैं, बल्कि मध्यम वर्ग के लिए उनकी सामाजिक प्रतिष्ठा और कड़ी मेहनत की उपलब्धि से जुड़े होते हैं। कोर्ट ने कहा कि प्रदूषण रोकने के लिए अन्य नीतिगत उपायों और तकनीक पर ध्यान देने की जरूरत है, न कि नागरिकों की व्यक्तिगत संपत्ति खरीदने की स्वतंत्रता को छीनने की।

सुप्रीम कोर्ट ने यह भी रेखांकित किया कि सार्वजनिक परिवहन (Public Transport) को इतना मजबूत और सुलभ बनाया जाना चाहिए कि लोग स्वयं निजी वाहनों का उपयोग कम करें। अदालत ने केंद्र और राज्य सरकारों को निर्देश दिया कि वे पराली जलाने और औद्योगिक कचरे जैसे प्रदूषण के बुनियादी कारणों पर ठोस कदम उठाएं। कार बैन जैसे सुझावों को कोर्ट ने फिलहाल 'अतिवादी' मानते हुए खारिज कर दिया।

You might also like!