रायपुर, 18 जुलाई 2026। छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान विपक्ष द्वारा सरकार के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर सदन में तीखी और मैराथन चर्चा हुई। चर्चा का अंतिम और विस्तृत जवाब देते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने विपक्ष पर करारा हमला बोला। मुख्यमंत्री ने दो टूक शब्दों में कहा कि विपक्ष का यह प्रस्ताव दरअसल इस सरकार के विरुद्ध नहीं है, बल्कि यह छत्तीसगढ़ की तीन करोड़ जनता के उस पवित्र विश्वास और मजबूत जनादेश के विरुद्ध है, जो उन्होंने इस सरकार को सौंप रखा है।
मोदी की गारंटी और सुशासन पर जनता की लगातार मुहर
सदन को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने पिछले कुछ समय में हुए चुनावों और प्रशासनिक उपलब्धियों का हवाला देते हुए विपक्ष को घेरा:
लगातार मिली बड़ी जीत: मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव, उसके बाद हुए लोकसभा चुनाव और फिर नगरीय निकाय चुनावों में राज्य की जनता ने विपक्ष के दावों को पूरी तरह खारिज कर दिया है।
विकास की नीतियों पर भरोसा: जनता ने लगातार विकास की राजनीति, सुशासन और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गारंटी पर अपना अटूट और ऐतिहासिक विश्वास व्यक्त किया है। बार-बार मिल रही यह चुनावी हार दर्शाती है कि विपक्ष मुद्दों से पूरी तरह भटक चुका है।
ढाई वर्षों में छत्तीसगढ़ ने लिखी विकास की नई इबारत
अपनी सरकार के कार्यकाल का लेखा-जोखा प्रस्तुत करते हुए मुख्यमंत्री ने सदन के सामने कई महत्वपूर्ण बातें रखीं:
प्रशासनिक सफलता: मुख्यमंत्री साय ने कहा कि पिछले ढाई वर्षों में राज्य सरकार ने भ्रष्टाचार पर कड़ा प्रहार करते हुए पारदर्शिता और 'सुशासन, विकास व विश्वास' का एक नया मॉडल खड़ा किया है। अंदरूनी आदिवासी अंचलों तक बुनियादी सुविधाएं, किसानों को समय पर बोनस और युवाओं को पारदर्शी तरीके से रोजगार देना सरकार की बड़ी उपलब्धियों में शामिल है। विपक्ष बिना किसी ठोस जमीनी मुद्दे के केवल राजनीतिक अस्तित्व बचाने के लिए यह आधारहीन अविश्वास प्रस्ताव लेकर आया है।


_2026718_13047_m.webp)

.webp)



