Breaking
- Dussehra Celebration: राजधानी रायपुर के ऐतिहासिक रावणभाठा मैदान में सीएम विष्...
- Women’s T20 International Cricket News: छत्तीसगढ़ की धरती पर पहली बार भारत-जि...
- Office Desk Job Side Effects: ऑफिस में घंटों बैठकर काम करने से हो रहा है गर्द...
- Aaj Ka Rashifal: आज बन रहा है खास 'वृद्धि योग', मेष से लेकर मीन राशि तक जानिए...
- Dussehra 2026: प्रदोष काल में ही क्यों किया जाता है रावण दहन? जानिए इस प्राची...
- छत्तीसगढ़ के दो कलाकारों को मिला प्रतिष्ठित 'उस्ताद बिस्मिल्लाह खान युवा पुरस...
- Election Commission SSR-2027 Schedule: मतदाता सूची के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्...
- Railway Network Expansion: रेल नेटवर्क के तेजी से विस्तार से बदल रही छत्तीसगढ...
- Development Works Review: रायगढ़ के विकास कार्यों में नहीं चलेगी कोई देरी, वि...
- फॉरेक्स ट्रेडिंग और इंस्टीट्यूट खोलने के नाम पर 18.63 लाख की ठगी, दुर्ग पुलिस...
कोचिंग संस्थानों पर प्रशासनिक नकेल; एलन, अनअकादमी, विद्यापीठ सहित कई सेंटर्स पर मिलीं सुरक्षा में भारी कमियां, 7 दिन का अल्टीमेटम

Raipur Coaching Center Inspection (रायपुर कोचिंग संस्थान निरीक्षण): छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में विद्यार्थियों की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वाले और व्यावसायिक लाभ के लिए नियमों को ताक पर रखने वाले कोचिंग सेंटर्स के खिलाफ नगर पालिक निगम ने अपना कड़ा प्रशासनिक हंटर चला दिया है। कोटा और दिल्ली जैसी दुखद घटनाओं से सबक लेते हुए, रायपुर नगर निगम प्रशासन ने शहर के प्रमुख और बड़े कोचिंग हब में अग्नि सुरक्षा (Fire Safety) और लिफ्ट सुरक्षा मानकों (Lift Safety Standards) की जमीनी हकीकत जानने के लिए एक बड़ा संयुक्त औचक निरीक्षण अभियान चलाया। निगम आयुक्त संबित मिश्रा के कड़े निर्देशों और नगर निवेशक अभाष मिश्रा के सीधे मार्गदर्शन में मुख्यालय और जोन के तकनीकी अधिकारियों की एक विशेष संयुक्त टीम ने शहर के ख्यातिलब्ध और वीआईपी इलाकों में संचालित कोचिंग संस्थानों—अनअकादमी (Unacademy), आरसीसी (RCC), अकादजा (Acadza), विद्यापीठ (Vidyapeeth) और एलन (Allen) के परिसरों में अचानक दबिश दी। इस हाई-प्रोफाइल निरीक्षण के दौरान कई नामी संस्थानों में सुरक्षा को लेकर बेहद डरावनी और चिंताजनक तस्वीरें सामने आईं, जहां सैकड़ों छात्र-छात्राओं की जिंदगी दांव पर लगी हुई थी।

प्रशासनिक निरीक्षण दल को अपनी जांच के दौरान एलन (Allen), अनअकादमी (Unacademy) और विद्यापीठ (Vidyapeeth) जैसे बड़े ब्रांड्स के सेंटर्स में गंभीर तकनीकी और ढांचागत खामियां मिलीं। इन संस्थानों के क्लासरूम्स (कक्षाओं) में निर्धारित और स्वीकृत क्षमता से कहीं अधिक संख्या में विद्यार्थियों को ठूंस-ठूंस कर बिठाया जा रहा था। क्षमता से अधिक भीड़ होने के कारण वहां ताजी हवा के आवागमन यानी वेंटिलेशन (Ventilation) की भारी कमी पाई गई, जो किसी भी आपातकालीन स्थिति में दम घुटने या भगदड़ का बड़ा कारण बन सकती है। हालांकि, इन तीनों संस्थानों में प्राथमिक फायर सेफ्टी के अन्य मानक सामान्य रूप से संतोषजनक पाए गए, लेकिन वेंटिलेशन और ओवरक्राउडिंग को लेकर अधिकारियों ने कड़ी नाराजगी जताई।
दूसरी ओर, अकादजा (Acadza) और आरसीसी (RCC) कोचिंग संस्थानों की स्थिति और भी बदतर और भयावह पाई गई। इन दोनों सेंटर्स में अनिवार्य फायर सेफ्टी नियमों का खुला उल्लंघन (Non-compliance) देखा गया। आग बुझाने वाले उपकरणों की अनुपलब्धता या एक्सपायरी, वेंटिलेशन की सुदृढ़ व्यवस्था न होना, और आपातकालीन स्थिति में बाहर निकलने के लिए प्रवेश व निकास (Entry & Exit Points) के रास्तों का संकरा होना जैसी कई जानलेवा कमियां उजागर हुईं। नगर निगम की टीम ने इन सभी विसंगतियों को बेहद गंभीरता से लेते हुए संबंधित संस्थानों के संचालकों और प्रबंधन को मौके पर ही कड़ी फटकार लगाई। शासन द्वारा जारी कड़े दिशा-निर्देशों का हवाला देते हुए सभी डिफॉल्टर संस्थानों को एक सप्ताह (7 दिन) के भीतर समस्त तकनीकी और सुरक्षा संबंधी कमियों को पूरी तरह से दुरुस्त करने का सख्त अल्टीमेटम दिया गया है। इसके साथ ही, संबंधित प्रशासनिक जोनों को निर्देशित किया गया है कि वे इन संस्थानों को वैधानिक नोटिस जारी करें और सात दिनों के बाद दोबारा री-वेरिफिकेशन (पुनः निरीक्षण) कर कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित कराएं।
निगम प्रशासन ने साफ तौर पर चेतावनी दी है कि यदि तय समय-सीमा के भीतर इन सभी सुरक्षा मानकों को पूरा नहीं किया गया, तो इन कोचिंग संस्थानों के खिलाफ सीधे सीलिंग (दुकान/संस्थान बंद करने) और एफआईआर (FIR) जैसी कठोर दंडात्मक वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। इस महत्वपूर्ण और बड़े निरीक्षण दल में मुख्यालय के प्रभारी सहायक अभियंता सोहन गुप्ता, जोन-6 के सहायक अभियंता अंकुर अग्रवाल, उप अभियंता सागर ठाकुर सहित अग्निशमन (फायर ब्रिगेड) विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और कर्मचारी दल-बल के साथ मुस्तैद रहे। इस प्रशासनिक कार्रवाई के बाद रायपुर के अन्य छोटे-बड़े कोचिंग संचालकों में भी हड़कंप का माहौल है।







