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Liquor Overrating: आबकारी विभाग में बड़ी सर्जिकल स्ट्राइक; शराब दुकान में ₹100 की 'ओवररेटिंग' पड़ी महंगी, अंबिकापुर के आबकारी उप निरीक्षक अनिल गुप्ता तत्काल प्रभाव से निलंबित

Chhattisgarh 23 June 2026

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Ambikapur Excise Sub Inspector Suspended (अंबिकापुर आबकारी उप निरीक्षक निलंबित): छत्तीसगढ़ में भ्रष्टाचार, अवैध वसूली और जनता की जेब पर डाका डालने वाले लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ साय सरकार का कड़ा प्रशासनिक चाबुक लगातार चल रहा है। इसी कड़ी में सरगुजा संभाग मुख्यालय अंबिकापुर से आबकारी विभाग (Excise Department) के भीतर एक बहुत बड़ी और हड़कंप मचा देने वाली दंडात्मक कार्रवाई की खबर सामने आई है। अंबिकापुर शहर के सबसे व्यस्त और पॉश इलाके में स्थित बौरीपारा विदेशी कम्पोजिट मदिरा दुकान में शराब प्रेमियों से निर्धारित सरकारी दर (प्रिंट रेट) से अधिक मूल्य वसूलने यानी 'ओवररेटिंग' (Overrating) करने के गंभीर और प्रमाणित आरोप पर राज्य आबकारी आयुक्त ने बेहद सख्त रुख अख्तियार किया है। आबकारी आयुक्त ने मामले को पूरी तरह से भ्रष्टाचार और शासकीय नियमों का खुला उल्लंघन मानते हुए अंबिकापुर के आबकारी उप निरीक्षक (Excise Sub-Inspector) अनिल गुप्ता को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड (निलंबित) कर दिया है। मात्र सौ रुपये की अतिरिक्त अवैध वसूली के चक्कर में आबकारी उप निरीक्षक की सीधे कुर्सी उड़ गई है। इस बड़ी और ताबड़तोड़ कार्रवाई से सरगुजा संभाग सहित पूरे छत्तीसगढ़ के आबकारी महकमे, शराब ठेकेदारों, प्लेसमेंट एजेंसियों के कर्मचारियों और सुपरवाइजरों के सिंडिकेट में भारी हड़कंप मच गया है।

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सरगुजा और अंबिकापुर के विभागीय सूत्रों से मिली विस्तृत और प्रामाणिक जानकारी के अनुसार, बौरीपारा स्थित विदेशी शराब दुकान में पिछले काफी समय से ग्राहकों और पियक्कड़ों द्वारा यह लगातार शिकायतें की जा रही थीं कि काउंटर पर तैनात कर्मचारी ब्रांडेड अंग्रेजी शराब और बियर की बोतलों पर तय सरकारी मूल्य से 50 रुपये से लेकर 100 रुपये तक अधिक की अवैध वसूली कर रहे थे। मदिरा प्रेमियों द्वारा विरोध करने पर दुकान के कर्मचारी और बाउंसर्स उनके साथ गाली-गलौज और मारपीट पर उतारू हो जाते थे। इस 'ओवररेटिंग' के खेल की गुप्त सूचना और लगातार मिल रही मौखिक व लिखित शिकायतों को संज्ञान में लेते हुए आबकारी विभाग के उच्च अधिकारियों और सतर्कता दल (विजिलेंस टीम) ने बौरीपारा दुकान की औचक जांच और स्टिंग ऑपरेशन कराया। इस जांच के दौरान यह रंगे हाथों पकड़ा गया कि ग्राहकों से प्रति बोतल निर्धारित दर से 100 रुपये अधिक वसूले जा रहे थे।

इस पूरे अवैध खेल और काली कमाई के सिंडिकेट के पीछे स्थानीय आबकारी उप निरीक्षक अनिल गुप्ता की मूक सहमति, घोर लापरवाही और सुपरविजन (पर्यवेक्षण) की भारी कमी पाई गई। नियम के मुताबिक, शराब दुकान में बिकने वाली हर एक बोतल के दाम और ओवररेटिंग को रोकना सीधे तौर पर संबंधित क्षेत्र के आबकारी उप निरीक्षक की वैधानिक जिम्मेदारी होती है। लेकिन अनिल गुप्ता द्वारा इस अवैध वसूली पर अंकुश लगाने के बजाय इसे शह दी जा रही थी। जांच रिपोर्ट जैसे ही रायपुर मुख्यालय स्थित आबकारी आयुक्त के पास पहुंची, उन्होंने बिना कोई समय गंवाए कड़ा अनुशासनात्मक डंडा चलाते हुए सब-इंस्पेक्टर अनिल गुप्ता के निलंबन का आदेश जारी कर दिया। निलंबन अवधि के दौरान अनिल गुप्ता का मुख्यालय संभागीय उपायुक्त आबकारी कार्यालय बिलासपुर नियत किया गया है और उन्हें केवल जीवन निर्वाह भत्ता ही देय होगा।

लल्लूराम डॉट कॉम की रिपोर्ट के मुताबिक, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और आबकारी मंत्री ने पहले ही साफ कर दिया है कि नए आबकारी वर्ष में राज्य की किसी भी सरकारी मदिरा दुकान में ओवररेटिंग, मिलावट या अवैध शराब की बिक्री बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि किसी भी जिले से ऐसी शिकायतें सही पाई जाती हैं, तो कर्मचारियों के साथ-साथ वहां के बेल्ट प्रभारी आबकारी उप निरीक्षक और जिला आबकारी अधिकारी (DEO) के खिलाफ भी सीधे तौर पर निलंबन और विभागीय जांच (DE) की सख्त कार्रवाई की जाएगी। अंबिकापुर की इस कार्रवाई ने मैदानी अमले को एक कड़ा संदेश दे दिया है कि जनता की जेब पर डाका डालना अब अधिकारियों को बेहद महंगा पड़ने वाला है। फिलहाल, बौरीपारा दुकान के अन्य संलिप्त कर्मचारियों को भी हटाने और ब्लैकलिस्ट करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

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