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बासी रोटी: कचरा नहीं, सेहत के लिए है 'सुपरफूड'! जानें क्या कहते हैं न्यूट्रिशन एक्सपर्ट्स

Life Style 24 February 2026

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अक्सर हम रात की बची हुई रोटियों को खराब समझकर फेंक देते हैं या जानवरों को खिला देते हैं, लेकिन स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि बासी रोटी 'सुपरफूड' साबित हो सकती है। गेहूं की रोटी जब 8 से 12 घंटे तक रखी रहती है, तो उसमें मौजूद फाइबर का स्वरूप बदल जाता है और वह पाचन के लिए अधिक अनुकूल हो जाती है। आयुर्वेद और आधुनिक पोषण विज्ञान दोनों ही कुछ खास स्थितियों में इसे सेहत के लिए वरदान मानते हैं।

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एक्सपर्ट्स के अनुसार, बासी रोटी का सेवन ब्लड प्रेशर और शुगर कंट्रोल करने में बेहद मददगार होता है। इसे ठंडे दूध के साथ खाने से शरीर का तापमान नियंत्रित रहता है और एसिडिटी जैसी समस्याओं से राहत मिलती है। इसमें गुड बैक्टीरिया (Probiotics) पनपने लगते हैं, जो हमारी आंतों की सेहत (Gut Health) को सुधारते हैं और मेटाबॉलिज्म को बूस्ट करने में मदद करते हैं।

हालांकि, बासी रोटी खाते समय समय सीमा का ध्यान रखना अनिवार्य है। न्यूट्रिशनिस्ट सलाह देते हैं कि रोटी बनाने के 12 से 15 घंटे के भीतर ही उसका सेवन कर लेना चाहिए। यदि रोटी में किसी तरह की गंध आ रही हो या वह चिपचिपी महसूस हो, तो उसे बिल्कुल न खाएं। इसके अलावा, बासी रोटी को बिना तेल या घी के दोबारा गर्म करके खाना सबसे ज्यादा फायदेमंद होता है।

आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में बासी रोटी एक बेहतरीन और सस्ता ब्रेकफास्ट विकल्प बन सकती है। यह न केवल खाने की बर्बादी को रोकती है, बल्कि आपको दिनभर के लिए जरूरी ऊर्जा भी प्रदान करती है। बस ध्यान रहे कि इसे हमेशा ताजे दूध या दही के साथ ही लें ताकि इसके पोषक तत्वों का अधिकतम लाभ मिल सके और आपका पेट स्वस्थ रहे।

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