मुगलसराय: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से तीन दोस्त बड़ी उम्मीदों और श्रद्धा के साथ बाबा काशी विश्वनाथ के दर्शन करने के लिए निकले थे। उन्हें क्या पता था कि यह उनकी आखिरी यात्रा साबित होगी। वाराणसी पहुंचने से पहले मुगलसराय कोतवाली क्षेत्र के कटेसर गांव के पास इन दोस्तों के साथ कुछ ऐसा हुआ जिसने सबकी रूह कपा दी। मौज-मस्ती के इरादे से रुके इन युवाओं की खुशियां पल भर में मातम में बदल गईं और एक हंसता-खेलता परिवार उजड़ गया।
एक छोटी सी चूक और गहरे पानी में समा गई जान
मिली जानकारी के अनुसार, तीनों दोस्त कटेसर गांव के पास स्थित गंगा किनारे या किसी ऊंचे स्थान पर सेल्फी लेने और वीडियो बनाने के चक्कर में थे। इसी दौरान एक दोस्त का संतुलन बिगड़ गया और वह गहरे पानी (या ऊंचे स्थान से) की चपेट में आ गया। साथ मौजूद दोस्तों ने उसे बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन कुदरत को कुछ और ही मंजूर था। चीख-पुकार सुनकर स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
मुगलसराय पुलिस की कार्रवाई और परिजनों में कोहराम
घटना की सूचना मिलते ही मुगलसराय पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। जैसे ही लखनऊ में मृतक के परिजनों को इस अनहोनी की खबर मिली, घर में कोहराम मच गया। मृतक के साथी सदमे में हैं और कुछ भी बोलने की स्थिति में नहीं हैं। पुलिस ने बताया कि प्राथमिक जांच में यह मामला दुर्घटना का लग रहा है, जो संभवतः सेल्फी लेने या नहाने के दौरान सावधानी न बरतने की वजह से हुआ है।
सावधानी ही बचाव है: एक अपील
यह घटना उन युवाओं के लिए एक बड़ी चेतावनी है जो रोमांच के चक्कर में अपनी सुरक्षा को ताक पर रख देते हैं। धार्मिक यात्राओं या पिकनिक के दौरान खतरनाक स्थानों पर सेल्फी लेना जानलेवा साबित हो सकता है। पुलिस और प्रशासन ने बार-बार अपील की है कि नदी किनारे या ऊंचे बांधों पर जाते समय नियमों का पालन करें। लखनऊ के इस युवक की मौत ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि मौत और मौज के बीच बस एक 'लापरवाही' का फासला होता है।








