राष्ट्रीय स्टार्टअप दिवस के अवसर पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने देश के युवाओं को बधाई देते हुए कहा कि भारत आज वैश्विक स्तर पर स्टार्टअप का पावरहाउस बनकर उभरा है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन की सराहना करते हुए बताया कि भारत अब दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम है, जहाँ लाखों युवा अपनी प्रतिभा के दम पर रोजगार के नए अवसर पैदा कर रहे हैं।
छत्तीसगढ़ में स्टार्टअप के लिए अनुकूल माहौल
मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार प्रदेश के युवाओं में उद्यमशीलता की भावना को जगाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि राज्य में स्टार्टअप्स को प्रोत्साहित करने के लिए विशेष नीतियां बनाई गई हैं, जिसके तहत फंडिंग, मेंटरशिप और इंक्यूबेशन केंद्रों की सुविधा प्रदान की जा रही है। उन्होंने कहा, "हमारे राज्य के युवाओं में गजब की क्षमता है और हम उनके नवाचार (Innovation) को पंख देने के लिए तैयार हैं।"
इनोवेशन से आत्मनिर्भर बनेगा छत्तीसगढ़
सीएम साय ने अपने संबोधन में कहा कि स्टार्टअप केवल व्यवसाय नहीं हैं, बल्कि ये सामाजिक और आर्थिक समस्याओं के समाधान का जरिया भी हैं। कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य और तकनीकी क्षेत्र में छत्तीसगढ़ के स्टार्टअप्स ने सराहनीय काम किया है। सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश का युवा केवल 'जॉब सीकर' (नौकरी खोजने वाला) न बने, बल्कि 'जॉब गिवर' (नौकरी देने वाला) बने।
'स्टार्टअप इंडिया' अभियान की सफलता
मुख्यमंत्री ने स्टार्टअप इंडिया पहल का जिक्र करते हुए कहा कि 2016 में शुरू हुए इस अभियान ने देश की सोच बदल दी है। आज छोटे शहरों और गांवों से भी यूनिकॉर्न (1 अरब डॉलर से अधिक की वैल्यू वाली कंपनियां) निकल रहे हैं। छत्तीसगढ़ भी इस दौड़ में पीछे नहीं है और आने वाले समय में यहाँ से कई बड़े ब्रांड्स निकलेंगे जो वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बनाएंगे।
युवाओं के लिए भविष्य की राह
कार्यक्रम के दौरान उन्होंने प्रदेश के सफल स्टार्टअप संस्थापकों की कहानियों को साझा किया और नए उद्यमियों से अपील की कि वे रिस्क लेने से न डरें। सीएम ने विश्वास दिलाया कि छत्तीसगढ़ की 'महतारी वंदन' जैसी योजनाओं के साथ-साथ अब स्टार्टअप के क्षेत्र में भी राज्य एक नई पहचान बना रहा है। सरकार जल्द ही स्टार्टअप्स के लिए नए निवेश सम्मेलनों और वर्कशॉप्स का आयोजन करेगी।








