प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जॉर्डन के ऐतिहासिक हुसैनिया पैलेस में किंग अब्दुल्ला द्वितीय से मुलाकात की, जहाँ दोनों नेताओं के बीच द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने पर व्यापक चर्चा हुई। इस मुलाकात के दौरान व्यापार, निवेश और सुरक्षा जैसे अहम मुद्दों पर बातचीत हुई। पैलेस में पीएम मोदी का भव्य स्वागत किया गया, जो भारत और जॉर्डन के बीच बढ़ते रणनीतिक और राजनयिक महत्व को दर्शाता है।
किंग अब्दुल्ला द्वितीय की पहचान दुनिया भर में बेहद खास है; वे इस्लाम के आखिरी पैगंबर, पैगंबर मोहम्मद साहब के 41वें प्रत्यक्ष वंशज माने जाते हैं। हाशिमाइट राजवंश से ताल्लुक रखने वाले किंग अब्दुल्ला को मुस्लिम जगत में बेहद सम्मान की नजर से देखा जाता है। उनके परिवार की विरासत और इस्लाम के पवित्र स्थलों के संरक्षक के रूप में उनकी भूमिका इस मुलाकात को धार्मिक और सांस्कृतिक रूप से भी महत्वपूर्ण बनाती है।
किंग अब्दुल्ला के साथ उनकी पत्नी, क्वीन रानिया के चर्चे भी दुनिया भर में रहते हैं। क्वीन रानिया को दुनिया की सबसे खूबसूरत और प्रभावशाली रानियों में शुमार किया जाता है। वे न केवल अपने स्टाइल और ग्रेस के लिए जानी जाती हैं, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य और मानवाधिकारों के क्षेत्र में उनके द्वारा किए गए कार्यों ने उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक पावरफुल आइकॉन बना दिया है।
जॉर्डन के किंग के जीवन से जुड़े कई किस्से बेहद मशहूर हैं। उन्हें जोखिम भरे एडवेंचर्स और सैन्य अभियानों का काफी शौक है। वे एक कुशल पायलट हैं और कई बार खुद फाइटर जेट उड़ाते हुए देखे गए हैं। इसके अलावा, उन्हें हॉलीवुड फिल्मों का भी शौक है; उन्होंने मशहूर सीरीज 'स्टार ट्रेक' में एक छोटा सा रोल भी निभाया था। उनका यह बहुआयामी व्यक्तित्व उन्हें दुनिया के अन्य शासकों से अलग बनाता है।
पीएम मोदी और किंग अब्दुल्ला की इस मुलाकात को मध्य-पूर्व में भारत की बढ़ती सक्रियता के तौर पर देखा जा रहा है। जॉर्डन न केवल एक स्थिर राष्ट्र है, बल्कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई और क्षेत्र में शांति बहाली के लिए भारत का एक भरोसेमंद साझेदार भी है। इस यात्रा से उम्मीद जताई जा रही है कि आने वाले समय में दोनों देशों के बीच रक्षा और तकनीकी सहयोग के नए रास्ते खुलेंगे।








