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रायपुर में साइबर सुरक्षा पर मंथन: राज्य डेटा सुरक्षा को मजबूत बनाने के लिए तैयार होगा नया रोडमैप

रायपुर। छत्तीसगढ़ में डिजिटल गवर्नेंस को अधिक सुरक्षित और भरोसेमंद बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए रायपुर में "Strengthening Cyber Security Frameworks for State Data" विषय पर राज्य स्तरीय साइबर सुरक्षा कार्यशाला का आयोजन किया गया। इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग तथा CHiPS द्वारा आयोजित इस कार्यशाला में 120 से अधिक वरिष्ठ अधिकारी, तकनीकी विशेषज्ञ और देशभर के साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ शामिल हुए।

कार्यशाला में डिजिटल सेवाओं की सुरक्षा, राज्य डेटा सेंटर, नेटवर्क सुरक्षा, सुरक्षा संचालन केंद्र (SOC), जीरो ट्रस्ट आर्किटेक्चर, डेटा गवर्नेंस और साइबर जागरूकता जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई। इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव अंकित आनन्द ने कहा कि डिजिटल गवर्नेंस की सफलता नागरिकों के विश्वास पर निर्भर करती है और सुरक्षित डिजिटल व्यवस्था सुशासन की सबसे बड़ी आवश्यकता बन चुकी है।
CHiPS के मुख्य कार्यपालन अधिकारी मयंक अग्रवाल ने बताया कि राज्य सरकार डिजिटल परिसंपत्तियों की सुरक्षा के लिए व्यापक साइबर सुरक्षा रोडमैप तैयार कर रही है। तकनीकी सत्रों में विशेषज्ञों ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय साइबर सुरक्षा मानकों, डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन एक्ट (DPDP Act-2023) और आधुनिक सुरक्षा प्रणालियों पर अपने विचार साझा किए।
समूह चर्चाओं के दौरान साइबर सुरक्षा ऑडिट, सुरक्षा निगरानी, घटना प्रतिक्रिया तंत्र, विभागीय जवाबदेही और क्षमता निर्माण को लेकर कई महत्वपूर्ण सुझाव सामने आए। इन अनुशंसाओं को राज्य की साइबर सुरक्षा कार्ययोजना में शामिल किया जाएगा, जबकि चयनित सुझाव भारत सरकार को भी भेजे जाएंगे।







