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लाल किला कार ब्लास्ट: CCTV फुटेज और 'डंप डेटा' पर दिल्ली पुलिस का बड़ा फोकस; 13 की मौत

नई दिल्ली: ऐतिहासिक लाल किला परिसर के पास हुए भीषण कार ब्लास्ट की जांच में दिल्ली पुलिस को अहम कामयाबी मिली है। जांचकर्ताओं ने अब सीसीटीवी फुटेज और 'डंप डेटा' से मिले सुरागों पर अपना ध्यान केंद्रित किया है। इस जानलेवा धमाके में 13 लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए, जिसके बाद पूरे इलाके में सुरक्षा व्यवस्था सख्त कर दी गई है।

संदिग्ध कार की मूवमेंट और ड्राइवर पर फोकस
सीसीटीवी क्लिप की जांच: अधिकारियों के मुताबिक, 100 से अधिक सीसीटीवी क्लिप की जांच की जा रही है, जिनमें आस-पास के टोल प्लाजा के फुटेज भी शामिल हैं।
पार्किंग का मूवमेंट: फुटेज में विस्फोट से ठीक पहले संदिग्ध कार लाल किले के पार्किंग एरिया में प्रवेश करती और बाहर निकलती दिखाई दे रही है। ड्राइवर अकेला ही था।
अगली कड़ी: पुलिस अब कार की पूरी मूवमेंट का पता लगाने के लिए दरियागंज की ओर जाने वाले रास्ते की जांच कर रही है।
डंप डेटा और टेक्निकल एनालिसिस बना बड़ा हथियार
जांच एजेंसियों ने कम्युनिकेशन रिकॉर्ड का बड़े पैमाने पर टेक्निकल एनालिसिस शुरू कर दिया है। इसे जांच में एक महत्वपूर्ण सुराग माना जा रहा है:
डेटा का दायरा: धमाके के समय लाल किला परिसर के आस-पास एक्टिव सभी मोबाइल फोन का डंप डेटा खंगाला जा रहा है।
लिंक की तलाश: इस डेटा का इस्तेमाल कार ब्लास्ट से जुड़े नंबरों की पहचान करने और संदिग्धों तथा संभावित साथियों के बीच बातचीत के लिंक का पता लगाने के लिए किया जा रहा है।
फरीदाबाद तक जांच: जांच का दायरा अब फरीदाबाद तक बढ़ा दिया गया है।
IPDR एनालिसिस: जानबूझकर पकड़े जाने से बचने के लिए ब्लास्ट के तुरंत बाद इनएक्टिव हुए डिवाइसों को ट्रैक करने के लिए इंटरनेट प्रोटोकॉल डिटेल रिकॉर्ड (IPDR) एनालिसिस भी किया जा रहा है।
जांच से जुड़े एक सीनियर अधिकारी ने कहा, "डंप डेटा और सीसीटीवी फुटेज समेत टेक्निकल सबूतों से हमें अहम सुराग मिले हैं। हम हर सुराग की जांच कर रहे हैं और केंद्रीय एजेंसियों के साथ कोऑर्डिनेट कर रहे हैं।"
सुरक्षा व्यवस्था और कानूनी कार्रवाई
धमाके के बाद दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल, क्राइम ब्रांच और फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) की टीमें मौके पर तैनात की गई हैं।
सुरक्षा कड़ी: दिल्ली में हेरिटेज साइट्स, मेट्रो स्टेशनों और बाजारों के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
मौके पर टीमें: मौके पर स्निफर डॉग, बम डिस्पोजल टीमों के साथ-साथ दिल्ली पुलिस, आएएफ (RAF) और एनएसजी (NSG) की टीमें तैनात हैं।
यातायात डायवर्ट: एहतियात के तौर पर नेताजी सुभाष मार्ग और आस-पास की सड़कों पर ट्रैफिक डायवर्ट किया गया है।
मामला दर्ज: इस घटना को लेकर भारतीय न्याय संहिता (BNS) और विस्फोटक पदार्थ अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।







