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शेयर बाजार में सुस्ती: सेंसेक्स 85,250 के स्तर पर फिसला, निफ्टी में भी गिरावट; बैंकिंग सेक्टर्स पर दबाव...

क्रिसमस के अवकाश के बाद आज शुक्रवार को दलाल स्ट्रीट पर निवेशकों ने सावधानी भरा रुख अपनाया है। BSE सेंसेक्स सुबह के कारोबार में करीब 140 अंक से ज्यादा की गिरावट के साथ 85,267 के स्तर पर कारोबार करता देखा गया। वहीं, NSE निफ्टी भी 40 अंक से अधिक टूटकर 26,100 के मनोवैज्ञानिक स्तर के नीचे आ गया है। साल के आखिरी कुछ कारोबारी दिनों में ट्रेडिंग वॉल्यूम कम होने के कारण बाजार में उतार-चढ़ाव (Volatility) अधिक बनी हुई है।

इन सेक्टर्स में दिखी सबसे ज्यादा बिकवाली
बाजार की इस गिरावट में सबसे बड़ा हाथ बैंकिंग और फाइनेंशियल सर्विसेज का रहा है।
बैंकिंग स्टॉक्स: निफ्टी बैंक इंडेक्स में करीब 0.20% की गिरावट दर्ज की गई। बजाज फाइनेंस (Bajaj Finance), कोटक महिंद्रा बैंक और एसबीआई जैसे शेयरों में मुनाफावसूली देखी गई।
मीडिया सेक्टर: निफ्टी मीडिया इंडेक्स 1.2% से ज्यादा टूटा है। इसमें जी एंटरटेनमेंट (ZEEL) और पीवीआर आइनॉक्स (PVR INOX) जैसे बड़े शेयरों में बिकवाली का दबाव रहा।
आईटी और फार्मा: सन फार्मा और टाटा स्टील जैसे हैवीवेट शेयरों ने भी इंडेक्स को नीचे खींचने का काम किया।
गिरावट के 3 मुख्य कारण
FII की बिकवाली: विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPIs) ने पिछले कारोबारी सत्र (बुधवार) में करीब 1,721 करोड़ रुपये की शुद्ध बिकवाली की, जिससे सेंटीमेंट कमजोर हुआ।
वैश्विक संकेतों का अभाव: क्रिसमस के कारण कई वैश्विक बाजार बंद रहे, जिसके चलते कोई ठोस ग्लोबल ट्रिगर उपलब्ध नहीं था। अमेरिकी फ्यूचर्स में भी हल्की सुस्ती देखी गई।
ईयर-एंड प्रॉफिट बुकिंग: साल 2025 के समापन के करीब होने के कारण निवेशक मुनाफावसूली कर रहे हैं, जिससे बाजार सीमित दायरे (Range-bound) में बना हुआ है।
बढ़ने वाले शेयर (Top Gainers)
गिरावट के बावजूद कुछ चुनिंदा शेयरों में खरीदारी देखने को मिली:
टाइटन (Titan): करीब 1.5% की बढ़त के साथ टॉप गेनर रहा।
भारत इलेक्ट्रॉनिक्स (BEL): डिफेंस सेक्टर में मजबूती के चलते शेयर 1.4% चढ़ा।
अडानी एंटरप्राइजेज: हल्की बढ़त के साथ ट्रेड करता दिखा।
विशेषज्ञों का मानना है कि निफ्टी के लिए 26,000 का स्तर एक मजबूत सपोर्ट जोन है। जब तक बाजार इस स्तर के ऊपर बना हुआ है, तब तक बड़ी गिरावट की आशंका कम है। निवेशकों को सलाह दी जा रही है कि वे साल के अंत तक बड़ी पोजीशन बनाने के बजाय 'वेट एंड वॉच' की नीति अपनाएं।







