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भागीरथपुरा में नल के पानी से टूटा भरोसा, हर दिन 20–25 घरों में लग रहे RO वाटर प्यूरिफायर

इंदौर। भागीरथपुरा क्षेत्र में लगातार मिल रहे दूषित पानी ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। हालात ऐसे हो गए हैं कि अब रहवासी नगर निगम के नल के पानी को पीने योग्य नहीं मान रहे। इसी कारण इलाके में हर दिन 20 से 25 घरों में RO वाटर प्यूरिफायर लगवाए जा रहे हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि बीते कुछ समय से पानी में बदबू, गंदगी और रंग बदलने जैसी शिकायतें सामने आ रही थीं। इसके बाद बच्चों और बुजुर्गों के बीमार पड़ने की घटनाओं ने डर और बढ़ा दिया। मजबूरी में लोगों ने पीने के पानी के लिए निजी विकल्प अपनाने शुरू कर दिए हैं।
RO विक्रेताओं के अनुसार अचानक मांग बढ़ने से कई बार इंस्टॉलेशन के लिए वेटिंग तक करनी पड़ रही है। जिन परिवारों में अभी RO नहीं लग पाया है, वे बोतलबंद पानी या टैंकर के पानी को उबालकर उपयोग कर रहे हैं।
नगर निगम द्वारा टैंकरों से जल आपूर्ति की जा रही है, लेकिन लोगों का कहना है कि भरोसेमंद और स्थायी समाधान नहीं मिलने तक वे नल का पानी पीने का जोखिम नहीं उठा सकते। कई सामाजिक संगठनों ने भी आगे आकर शुद्ध पानी के जार वितरित किए हैं।
रहवासियों की मांग है कि जल सप्लाई लाइनों की पूरी जांच हो, पुराने और जर्जर पाइप बदले जाएं और नियमित रूप से पानी की गुणवत्ता की जांच की जाए, ताकि लोगों को फिर से सुरक्षित नल का पानी मिल सके।
भागीरथपुरा की यह स्थिति शहर में जल व्यवस्था की गंभीरता को उजागर करती है और प्रशासन के लिए एक बड़ा चेतावनी संकेत बनकर सामने आई है।







