नई दिल्ली: राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल ने कहा है कि भारत को आने वाले समय में हर क्षेत्र में स्वयं को सशक्त बनाना होगा। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि इतिहास से सबक भूलना किसी भी राष्ट्र के लिए खतरनाक साबित हो सकता है। आज की वैश्विक परिस्थितियों में केवल सैन्य शक्ति ही नहीं, बल्कि आर्थिक, सामाजिक, तकनीकी और कूटनीतिक मजबूती भी उतनी ही जरूरी है।
एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डोभाल ने कहा कि भारत ने स्वतंत्रता यूं ही हासिल नहीं की, इसके पीछे लाखों लोगों का संघर्ष, त्याग और बलिदान छिपा है। यदि नई पीढ़ी इस इतिहास को नजरअंदाज करती है, तो भविष्य में देश को इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ सकती है।
उन्होंने कहा कि दुनिया तेजी से बदल रही है और आज के खतरे केवल सीमाओं तक सीमित नहीं हैं। साइबर हमले, आर्थिक दबाव, सामाजिक अस्थिरता और वैचारिक युद्ध भी राष्ट्रीय सुरक्षा का अहम हिस्सा बन चुके हैं। ऐसे में भारत को हर स्तर पर सतर्क और मजबूत रहना होगा।
डोभाल ने युवाओं की भूमिका को बेहद अहम बताते हुए कहा कि युवा ही भारत की सबसे बड़ी ताकत हैं। यदि युवा वर्ग जागरूक, जिम्मेदार और राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने वाला होगा, तो कोई भी शक्ति भारत की प्रगति को रोक नहीं सकती।
उन्होंने यह भी कहा कि शांति तभी संभव है, जब राष्ट्र शक्तिशाली हो। कमजोर राष्ट्र न तो अपने नागरिकों की रक्षा कर सकता है और न ही अपने हितों की। इसलिए मजबूत भारत ही सुरक्षित और विकसित भारत की नींव है।
कार्यक्रम के अंत में उन्होंने देशवासियों से आह्वान किया कि वे इतिहास से सीख लें, वर्तमान को समझें और भविष्य के लिए एकजुट होकर भारत को हर मोर्चे पर अजेय बनाएं।








