Breaking

नक्सलवाद के अंधेरे से निकलकर विकास की नई इबारत लिख रहा छत्तीसगढ़ : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

Chhattisgarh 31 August 2026

post

रायपुर, 31 अगस्त 2026। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि दशकों तक नक्सलवाद की चुनौती झेलने वाला छत्तीसगढ़ अब शांति, विश्वास और विकास के नए दौर में प्रवेश कर चुका है। नक्सलवाद के प्रभाव से बाहर निकलकर प्रदेश शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, अधोसंरचना, पर्यटन और आजीविका के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री राजधानी रायपुर में आयोजित ‘विकसित भारत-समृद्ध छत्तीसगढ़ : विकास का नया अध्याय’ कार्यक्रम में संबोधित कर रहे थे।

Advertisement

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य के अनुरूप छत्तीसगढ़ ने भी विकसित राज्य का रोडमैप तैयार किया है। प्रदेश के विजन डॉक्यूमेंट में 10 प्रमुख मिशन निर्धारित किए गए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य की लगभग 44 प्रतिशत भूमि वन क्षेत्र है और यहां लोहा, बॉक्साइट, लिथियम, सोना सहित कई महत्वपूर्ण खनिज संसाधन मौजूद हैं। छत्तीसगढ़ देश का एकमात्र टिन उत्पादक राज्य भी है। प्राकृतिक संसाधनों के साथ प्रदेश की मेहनतकश आबादी इसकी सबसे बड़ी ताकत है।

सुरक्षा और विकास की रणनीति से बदल रही बस्तर की तस्वीर

मुख्यमंत्री ने कहा कि लंबे समय तक नक्सलवाद बस्तर समेत प्रदेश के विकास में बड़ी बाधा रहा। सरकार बनने के बाद केंद्र और राज्य सरकार ने समन्वित रणनीति के तहत सुरक्षा अभियान के साथ विकास कार्यों को भी प्राथमिकता दी। उन्होंने कहा कि बस्तर के लोगों ने करीब चार दशक तक नक्सल हिंसा का दंश झेला और नक्सलियों द्वारा सड़क, स्कूल, अस्पताल तथा अन्य विकास कार्यों का विरोध किए जाने के कारण कई इलाके मुख्यधारा से कटे रहे।

इसी चुनौती को ध्यान में रखते हुए सरकार ने ‘नियद नेल्लानार’ योजना शुरू की, जिसका अर्थ ‘आपका अच्छा गांव’ है। इसके माध्यम से दूरस्थ इलाकों में सड़क, बिजली, पेयजल, शिक्षा, स्वास्थ्य और दूरसंचार जैसी सुविधाएं पहुंचाई जा रही हैं। मुख्यमंत्री के अनुसार क्षेत्र में 421 से अधिक स्कूल खोले गए हैं और योजना को आगे बढ़ाने के लिए ‘नियद नेल्लानार 2.0’ भी शुरू किया गया है।

34 लाख लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण, पर्यटन को भी मिल रहा बढ़ावा

मुख्यमंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान के तहत अब तक 34 लाख लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया है और करीब 40 हजार लोगों का उपचार किया गया। ‘बस्तर मुन्ने’ कार्यक्रम के जरिए सरकारी अमला गांवों में पहुंचकर लोगों को योजनाओं और सेवाओं का लाभ उपलब्ध करा रहा है।

उन्होंने कहा कि बस्तर में शांति लौटने के साथ आजीविका और पर्यटन के नए अवसर भी विकसित हो रहे हैं। पशुपालन, बकरी पालन और मत्स्य पालन जैसी गतिविधियों के जरिए स्थानीय लोगों की आय बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। बस्तर की प्राकृतिक सुंदरता और जनजातीय संस्कृति पर्यटकों को आकर्षित कर रही है। धुड़मारास गांव को दुनिया के श्रेष्ठ पर्यटन गांवों में शामिल किए जाने का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि होम-स्टे के जरिए पर्यटक स्थानीय जीवन और संस्कृति का अनुभव कर रहे हैं।

सरकार पर्यटन को रोजगार से जोड़ने के लिए ऋण और अनुदान की सुविधाएं भी उपलब्ध करा रही है। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में खाली हो रहे करीब 70 सुरक्षा कैंपों को ‘सेवा डेरा’ के रूप में विकसित करने की दिशा में भी काम किया जा रहा है।

हिंसा छोड़ने वालों के लिए पुनर्वास नीति

मुख्यमंत्री ने कहा कि नक्सल समस्या से निपटने की रणनीति केवल सुरक्षा अभियान तक सीमित नहीं रही। हिंसा का रास्ता छोड़कर मुख्यधारा में लौटने वालों के लिए आत्मसमर्पण और पुनर्वास नीति तैयार की गई है। सरकार का प्रयास है कि हथियार छोड़ने वाले लोगों को सम्मानजनक जीवन और रोजगार के अवसर मिलें।

उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में लोगों ने आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा का रास्ता अपनाया है। मुख्यमंत्री के अनुसार बस्तर में विकास और लोगों के जीवन में आ रहा सकारात्मक बदलाव उन तत्वों के भ्रम का प्रभावी जवाब है, जो अभी भी हिंसा की विचारधारा को बनाए रखने का प्रयास कर रहे हैं।

शिक्षा और रोजगार पर सरकार का फोकस

मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और रोजगार उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। राज्य निर्माण के समय प्रदेश में केवल एक मेडिकल कॉलेज था, जबकि अब 15 मेडिकल कॉलेज संचालित हो रहे हैं। आईआईटी, आईआईएम और ट्रिपल आईटी जैसे संस्थान भी प्रदेश में संचालित हैं।

प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए दिल्ली में यूथ हॉस्टल और प्रदेश में 34 नालंदा परिसरों के निर्माण का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार युवाओं को बेहतर अध्ययन सुविधाएं उपलब्ध कराने पर काम कर रही है। नई औद्योगिक नीति के जरिए निवेश और रोजगार को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। उनके मुताबिक प्रदेश को अब तक करीब 8 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य सिर्फ निवेश लाना नहीं, बल्कि निवेश के माध्यम से युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा करना है। इसी उद्देश्य से एक हजार युवाओं को रोजगार देने वाले उद्यमों के लिए विशेष प्रोत्साहन का प्रावधान किया गया है।

किसान परिवार से सार्वजनिक जीवन तक का सफर

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने अपने जीवन संघर्ष का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि वे किसान परिवार से आते हैं और बचपन से खेती से जुड़े रहे। दस वर्ष की उम्र में पिता के निधन के बाद परिवार के बड़े बेटे के रूप में जिम्मेदारियां संभालनी पड़ीं। खेती से उन्होंने मेहनत, धैर्य और जिम्मेदारी का महत्व सीखा।

उन्होंने बताया कि राजनीति में आने की उनकी पहले से कोई योजना नहीं थी। गांव के लोगों के आग्रह पर वार्ड पंच का चुनाव लड़कर सार्वजनिक जीवन की शुरुआत की। बाद में निर्विरोध सरपंच चुने गए और वर्ष 1990 में तपकरा विधानसभा क्षेत्र से पहली बार विधायक बने। इसके बाद अविभाजित मध्यप्रदेश में विधायक और रायगढ़ से सांसद के रूप में भी जनता की सेवा का अवसर मिला।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज छत्तीसगढ़ के सामने विकास की नई संभावनाएं हैं। नक्सलवाद की बाधा कम होने के साथ बस्तर समेत पूरा प्रदेश विकास की नई गति पकड़ रहा है। सरकार का लक्ष्य है कि छत्तीसगढ़ प्राकृतिक संसाधनों के साथ मानव विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, उद्योग और पर्यटन के क्षेत्र में भी देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो और वर्ष 2047 तक विकसित भारत के निर्माण में मजबूत भूमिका निभाए।

You might also like!