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Cow Protection: बारिश में गौवंश की सुरक्षा को लेकर महापौर सख्त, फुंडहर गौधाम में तत्काल तिरपाल लगाने के निर्देश

रायपुर, 31 अगस्त 2026। बारिश के दौरान गौवंश की सुरक्षा और नगर निगम के गोठानों की व्यवस्थाओं को लेकर रायपुर महापौर मीनल चौबे ने अधिकारियों के साथ बैठक कर विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने फुंडहर गौधाम में गौवंश को बारिश से बचाने के लिए तत्काल तिरपाल और अस्थायी शेड की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। साथ ही सभी जोन हेल्थ ऑफिसरों (ZHO) को अपने-अपने क्षेत्र के गोठानों और कांजी हाउस का मौके पर निरीक्षण कर व्यवस्थाओं में सुधार सुनिश्चित करने को कहा।

बैठक में सड़क से पकड़े जाने वाले गौवंश, गोठानों की क्षमता, चारा-पानी, शेड, स्वास्थ्य, साफ-सफाई और जल निकासी समेत विभिन्न व्यवस्थाओं की जानकारी ली गई। अधिकारियों ने बताया कि नगर निगम के सभी गोठानों की क्षमता लगभग पूरी हो चुकी है और कुछ मामलों में सड़क से पकड़े गए गौवंश को आउटर क्षेत्र में छोड़े जाने की जानकारी सामने आई। इस पर महापौर ने स्पष्ट किया कि गोठानों की क्षमता पूरी होना गौवंश को असुरक्षित स्थान पर छोड़ने का आधार नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि गौवंश को पकड़ने के बाद उसे कहां और किस सुरक्षित स्थान पर रखा गया है, इसकी पूरी जानकारी संबंधित अधिकारियों के पास होनी चाहिए।
महापौर ने सभी ZHO को निर्देश दिए कि वे स्वयं मौके पर जाकर गौधामों में गौवंश की संख्या, उपलब्ध क्षमता, चारा-पानी, शेड, स्वास्थ्य, सफाई और जल निकासी की स्थिति की जांच करें। उन्होंने कहा कि केवल कागजी रिपोर्ट के आधार पर व्यवस्था नहीं चलेगी, अधिकारियों को स्वयं मौके पर जाकर वास्तविक स्थिति देखनी होगी। बारिश को देखते हुए फुंडहर क्षेत्र में तत्काल मजबूत तिरपाल अथवा अस्थायी शेड लगाने के साथ कीचड़ और जलभराव की समस्या दूर करने के लिए सफाई एवं जल निकासी की व्यवस्था करने के निर्देश भी दिए गए।
बारिश में गौवंश की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता
महापौर ने कहा कि स्थायी शेड बनने में समय लग सकता है, लेकिन तब तक गौमाता को बारिश में खुले में नहीं रखा जा सकता। यदि किसी गोठान की क्षमता पूरी हो चुकी है तो सुरक्षित वैकल्पिक व्यवस्था तत्काल तैयार की जाए। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी दी कि गौवंश जैसे संवेदनशील विषय में लापरवाही, समन्वय की कमी या गैर-जिम्मेदारी स्वीकार नहीं की जाएगी।
उन्होंने कहा, “गोवंश हमारी आस्था भी है और जिम्मेदारी भी। शासन-प्रशासन के साथ मिलकर गोवंश के लिए यथाशीघ्र आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित करेंगे।” महापौर ने आम जनता से भी अपील की कि वे अपने गौवंश को सड़कों पर खुला न छोड़ें, क्योंकि इससे दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ता है और पशुओं को भी कष्ट झेलना पड़ता है।
गोठानों में प्रति गौवंश भुगतान की भी ली जानकारी
बैठक में गोठानों के रखरखाव पर होने वाले खर्च की जानकारी भी ली गई। बताया गया कि गोकुल नगर गोठान में प्रत्येक गौवंश के रखरखाव के लिए 23 रुपये, जबकि फुंडहर, अटारी और जरवई गोठानों में 27 रुपये प्रति गौवंश के हिसाब से भुगतान किया जा रहा है। काउकैचर टीम के अनुसार प्रतिदिन औसतन 4 से 5 गौवंश पकड़े जा रहे हैं। महापौर ने कहा कि जब गौवंश को पकड़ने और उनके रखरखाव पर नगर निगम की ओर से राशि खर्च की जा रही है, तो प्रत्येक गौवंश की सुरक्षित व्यवस्था और उसके गंतव्य की जानकारी भी अधिकारियों के पास होनी चाहिए।
Cow Catcher Tender: जोन-8 और 10 की स्थिति पर नाराजगी
बैठक के दौरान सामने आया कि जोन-8 और जोन-10 में काउकैचर का टेंडर अब तक नहीं हुआ है। इस पर महापौर ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों और संबंधित उपायुक्त के प्रति नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि किस जोन में काउकैचर की टीम काम कर रही है, कहां टेंडर हुआ है और कहां व्यवस्था लंबित है, इसकी पूरी जानकारी अधिकारियों के पास होनी चाहिए।
महापौर ने सभी जोन स्वास्थ्य अधिकारियों को गौधामों की नियमित मॉनिटरिंग करने, व्यवस्थाओं में सुधार लाने और गौवंश की सेवा एवं सुरक्षा को प्राथमिकता देने के सख्त निर्देश दिए।


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