जैसे-जैसे उत्तर भारत समेत पूरे देश में ठंड का प्रकोप बढ़ रहा है, स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं भी पैर पसारने लगी हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इस मौसम में हमारी पाचन शक्ति और इम्यूनिटी (रोग प्रतिरोधक क्षमता) अलग तरह से काम करती है। खान-पान में जरा सी लापरवाही सर्दी-खांसी, जुकाम और जोड़ों के दर्द जैसी समस्याओं को बुलावा दे सकती है। इसलिए, सर्दियों में कुछ विशेष खाद्य पदार्थों से दूरी बनाना ही समझदारी है।
ठंडी तासीर वाली चीजों से बचें
सर्दियों के दौरान फ्रिज से सीधे निकाली गई ठंडी चीजें, जैसे कोल्ड ड्रिंक्स, आइसक्रीम या बहुत ठंडा पानी पीने से बचना चाहिए। ये चीजें शरीर के तापमान को असंतुलित कर देती हैं और गले में संक्रमण (Throat Infection) का कारण बनती हैं। आयुर्वेद के अनुसार, इस मौसम में शरीर को अंदर से गर्म रखने वाले भोजन की आवश्यकता होती है, जबकि ठंडी चीजें कफ दोष को बढ़ा सकती हैं।
अत्यधिक मीठा और प्रोसेस्ड शुगर
सर्दियों में अक्सर लोगों को मीठा खाने की 'क्रेविंग' होती है, लेकिन सफेद चीनी और उससे बनी चीजें आपकी इम्यूनिटी को कमजोर कर सकती हैं। ज्यादा मीठा खाने से शरीर में सूजन (Inflammation) बढ़ सकती है और यह वजन बढ़ाने का कारण भी बनता है। यदि आपको मीठा खाने का मन है, तो चीनी की जगह गुड़ या शहद का सीमित मात्रा में उपयोग करना एक बेहतर और स्वास्थ्यवर्धक विकल्प है।
डेयरी उत्पादों का सीमित उपयोग
हालांकि दूध और दही स्वास्थ्य के लिए अच्छे हैं, लेकिन अत्यधिक ठंड के दिनों में दही और छाछ का सेवन शाम के समय करने से बचना चाहिए। डेयरी उत्पाद शरीर में बलगम (Mucus) के निर्माण को तेज कर सकते हैं, जिससे सांस लेने में तकलीफ या छाती में जकड़न महसूस हो सकती है। यदि आप दूध पीते हैं, तो उसमें थोड़ी हल्दी या सोंठ मिलाकर पीना अधिक फायदेमंद रहता है।
तले-भुने और जंक फूड से दूरी
सर्दियों में गर्मागर्म पकौड़े और समोसे भले ही लुभावने लगें, लेकिन अत्यधिक तला-भुना खाना आपके मेटाबॉलिज्म को धीमा कर देता है। इस मौसम में शारीरिक गतिविधियां कम होने के कारण फैटी फूड को पचाना मुश्किल होता है, जिससे सुस्ती और पाचन संबंधी बीमारियां हो सकती हैं। स्वस्थ रहने के लिए मौसमी फल, हरी सब्जियां और सूप को अपनी डाइट का हिस्सा बनाना चाहिए।


-1784293643055_m~2.webp)





