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CG Government MoU: राज्य कर्मियों के लिए SBI का बड़ा तोहफा; बिना प्रीमियम ₹1.60 करोड़ का बीमा कवर...

National 23 December 2025

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छत्तीसगढ़ की राज्य सरकार ने अपने नियमित शासकीय कर्मचारियों की सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के साथ 'स्टेट गवर्नमेंट सैलरी पैकेज' (SGSP) के तहत एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। इस समझौते की सबसे बड़ी खासियत यह है कि कर्मचारियों को इस भारी-भरकम बीमा कवर के लिए अपनी जेब से एक पैसा भी प्रीमियम के रूप में नहीं देना होगा।

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बीमा कवर के मुख्य लाभ

इस पैकेज के तहत कर्मचारियों को विभिन्न स्थितियों में निम्नलिखित लाभ मिलेंगे:

हवाई दुर्घटना (Air Accident): मृत्यु की स्थिति में ₹1.60 करोड़ का बीमा कवर।

व्यक्तिगत दुर्घटना (Personal Accident): सड़क या अन्य दुर्घटना में मृत्यु होने पर ₹1 करोड़ तक का कवर।

पूर्ण दिव्यांगता (Permanent Total Disability): दुर्घटना में पूरी तरह दिव्यांग होने पर ₹1 करोड़ की सहायता।

आंशिक दिव्यांगता (Permanent Partial Disability): ₹80 लाख तक का बीमा क्लेम।

अतिरिक्त कवर: RuPay डेबिट कार्ड के उपयोग पर ₹1 करोड़ तक का अतिरिक्त कवर (नियमों के अधीन)।

किसे मिलेगा इसका लाभ? (पात्रता)

इस योजना का लाभ उठाने के लिए प्राथमिक शर्त यह है कि कर्मचारी का वेतन खाता (Salary Account) भारतीय स्टेट बैंक (SBI) में होना चाहिए। यह सुविधा उन सभी नियमित सरकारी कर्मचारियों के लिए उपलब्ध है जिनका वेतन सीधे एसबीआई के माध्यम से आता है। यदि आपका खाता एसबीआई में है लेकिन वह 'सैलरी पैकेज अकाउंट' के रूप में श्रेणीबद्ध (Categorized) नहीं है, तो आपको तुरंत अपनी बैंक शाखा से संपर्क करना चाहिए।

कैसे उठाएं लाभ? (प्रक्रिया)

खाता स्थानांतरण: यदि आपका वेतन खाता किसी अन्य बैंक में है, तो उसे एसबीआई में स्थानांतरित करवाएं।

खाता अपडेट: सुनिश्चित करें कि आपका खाता एसबीआई की 'स्टेट गवर्नमेंट सैलरी पैकेज' (SGSP) श्रेणी में मैप किया गया है। इसके लिए आप अपनी शाखा में जाकर एक आवेदन दे सकते हैं।

दस्तावेज़: खाता खोलते या अपडेट कराते समय अपना कर्मचारी आईडी कार्ड, आधार कार्ड और पैन कार्ड साथ रखें।

नॉमिनी अपडेट: अपने खाते में नॉमिनी (नामांकित व्यक्ति) की जानकारी अपडेट रखना अनिवार्य है, ताकि किसी अप्रिय घटना की स्थिति में परिवार को त्वरित भुगतान मिल सके।


सुशासन की दिशा में बड़ा कदम

विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम न केवल कर्मचारियों का मनोबल बढ़ाएगा, बल्कि भविष्य में उनके परिवारों को वित्तीय स्थिरता भी प्रदान करेगा। छत्तीसगढ़ सरकार का यह मॉडल अब अन्य राज्यों के लिए भी एक मिसाल बन रहा है, जहाँ बिना सरकारी खजाने पर अतिरिक्त बोझ डाले निजी/सार्वजनिक क्षेत्र की साझेदारी से लोक कल्याणकारी कार्य किए जा रहे हैं।

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