Breaking
- Raipur PWD News: बरसात के बाद निर्माण कार्यों को मिलेगी रफ्तार, अक्टूबर में ह...
- Chhattisgarh Industrial News: माइनिंग से हाई-वैल्यू मैन्युफैक्चरिंग तक नई औद्...
- Cultural News: गुदुम बाजा और मोहरी की धुनों से गूंजा ‘रंग-तरंग’, लोक संस्कृति...
- प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना से अन्नू तिवारी को मिला मातृत्व का आर्थिक सहारा...
- Mahasamund News: करेले की उन्नत खेती ने बदली किसान नारायण प्रसाद वर्मा की तस्...
- 700 सहायक प्राध्यापकों की भर्ती और पदोन्नति प्रक्रिया में अनावश्यक विलंब न कर...
- महिला कोष के ऋण से हरमनिया देवी की बदली जिंदगी, किराना-सिंगार दुकान बनी स्वाव...
- Raipur News: नोनी सुरक्षा योजना से कौशिल्या रजवाड़े की बेटी के भविष्य को मिला...
- Bilaspur News: हिंसा मामले में पुलिस का बड़ा एक्शन, सोहेल खान समेत 20 आरोपी ग...
- Dharamjaigarh News: जमीन फर्जीवाड़े में फरार तत्कालीन पटवारी गिरफ्तार, लैपटॉप...
मरीजों के लिए मसीहा बनेगी यह खास दवा: खोई हुई याददाश्त लौटने की जगी उम्मीद, मेडिकल साइंस में बड़ा चमत्कार!

दिमाग की गंभीर और लाइलाज मानी जाने वाली भूलने की बीमारी 'अल्जाइमर' के इलाज में मेडिकल साइंस को एक बेहद बड़ी और क्रांतिकारी कामयाबी हाथ लगी है। वैज्ञानिकों ने एक नई दवा की खोज की है, जो अल्जाइमर से पीड़ित लाखों मरीजों के जीवन में एक नई उम्मीद की किरण बनकर आई है। शोधकर्ताओं का दावा है कि यह नई दवा न केवल बीमारी के लक्षणों को बढ़ने से रोकेगी, बल्कि मरीजों की खोई हुई याददाश्त को भी वापस लाने में पूरी तरह सक्षम है। चिकित्सा जगत में इस खोज को एक बड़े गेमचेंजर के रूप में देखा जा रहा है।

इस अभूतपूर्व शोध के मुताबिक, अल्जाइमर के इलाज के लिए तैयार की गई यह विशेष दवा तांबे (Copper) के तत्वों पर आधारित है। वैज्ञानिकों ने पाया कि दिमाग में तांबे के असंतुलन और कॉपर थेरेपी के सही इस्तेमाल से दिमागी कोशिकाओं (न्यूरॉन्स) को दोबारा सक्रिय किया जा सकता है। यह कॉपर ड्रग दिमाग में जमा होने वाले उन हानिकारक प्रोटीन्स को नष्ट करने में मदद करती है, जो याददाश्त को ब्लॉक करने और ब्रेन सेल्स को डैमेज करने के लिए जिम्मेदार होते हैं। इस दवा के शुरुआती परीक्षणों के नतीजे बेहद चौंकाने वाले और सकारात्मक रहे हैं।
अब तक अल्जाइमर का कोई सटीक और परमानेंट इलाज उपलब्ध नहीं था, केवल दवाओं के जरिए इसके असर को धीमा किया जाता था। लेकिन इस नई कॉपर थेरेपी आधारित दवा के आने से डॉक्टरों को उम्मीद है कि अब मरीजों के मानसिक स्वास्थ्य में सीधा सुधार देखा जा सकेगा। यह दवा उन बुजुर्गों और मरीजों के लिए एक वरदान साबित हो सकती है जो अपनी पहचान और अपनों को भूल चुके हैं। आने वाले समय में इसके व्यापक स्तर पर क्लिनिकल ट्रायल की तैयारी चल रही है, जिसके बाद इसे आम जनता के इलाज के लिए बाजार में उपलब्ध कराया जाएगा।







