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राष्ट्रीय बाल पुरस्कार 2026: 20 बच्चों को मिला सम्मान; वैभव सूर्यवंशी समेत वीरता और सेवा की मिसालें सम्मानित...

National 26 December 2025

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गणतंत्र दिवस 2026 की पूर्व संध्या पर दिए जाने वाले इस प्रतिष्ठित पुरस्कार के लिए इस साल 20 बच्चों का चयन किया गया है। इन बच्चों ने न केवल अपनी उम्र से बड़े कारनामे किए हैं, बल्कि समाज के सामने वीरता और समर्पण की नई मिसाल पेश की है।

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प्रमुख विजेता और उनकी प्रेरणादायक कहानियां

वैभव सूर्यवंशी (खेल - क्रिकेट): बिहार के 14 वर्षीय उभरते हुए क्रिकेटर वैभव सूर्यवंशी इस सूची में प्रमुख नाम हैं। वैभव ने हाल ही में आईपीएल (IPL) इतिहास के सबसे युवा खिलाड़ी बनकर और घरेलू क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन कर खेल जगत में अपनी पहचान बनाई है। उन्हें खेल श्रेणी में उनके असाधारण योगदान के लिए चुना गया है।

श्रवण कुमार (समाज सेवा - छत्तीसगढ़): छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले के रहने वाले नन्हे श्रवण ने 'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान नक्सलियों के खिलाफ मोर्चे पर डटे सुरक्षा बल के जवानों की निस्वार्थ सेवा की। घने जंगलों और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में जवानों तक मदद पहुँचाने के उनके जज्बे को सरकार ने नमन किया है।

ब्योमा (मरणोपरांत - वीरता): इस वर्ष वीरता श्रेणी में ब्योमा को मरणोपरांत सम्मानित किया गया है। ब्योमा ने एक अन्य बच्चे की जान बचाते समय अपने प्राणों की आहुति दे दी। उनकी यह शहादत निस्वार्थ वीरता का सर्वोच्च उदाहरण बनी।

पुरस्कारों का विवरण

इन 20 बच्चों को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा एक विशेष समारोह में सम्मानित किया जाएगा। पुरस्कार के रूप में प्रत्येक विजेता को निम्नलिखित वस्तुएं प्रदान की जाती हैं:

पदक (Medal)

प्रमाण पत्र (Certificate)

1 लाख रुपये की नकद राशि

ये सभी बच्चे 26 जनवरी 2026 को राजपथ पर होने वाली गणतंत्र दिवस परेड में भी शामिल होंगे।

चयन की श्रेणियां

इस वर्ष के विजेताओं को पांच प्रमुख श्रेणियों में चुना गया है:

वीरता (Bravery): जान जोखिम में डालकर दूसरों को बचाना।

कला और संस्कृति (Art & Culture): शास्त्रीय गायन, वादन या चित्रकला में निपुणता।

नवाचार (Innovation): वैज्ञानिक सोच और नए आविष्कारों के लिए।

समाज सेवा (Social Service): जनकल्याण के लिए किए गए निस्वार्थ कार्य।

खेल (Sports): राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर विशिष्ट उपलब्धि।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इन विजेताओं को बधाई देते हुए कहा कि ये बच्चे "विकसित भारत" के असली ब्रांड एंबेसडर हैं। उनकी उपलब्धियां देश के करोड़ों युवाओं को प्रेरित करेंगी।

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